प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर सभी 13 अखाड़ों के साधु-संतों ने संगम तट पर अमृत स्नान की परंपरा को निभाना शुरू कर दिया है। हेलीकॉप्टर से साधु-संतों पर पुष्प वर्षा कर इस दिव्य क्षण को और भव्य बनाया गया। हालांकि, अत्यधिक भीड़ और अव्यवस्था के चलते अखाड़ों के संतों को संगम तट तक पहुंचने में तय समय से करीब 10 घंटे की देरी हुई। प्रशासन की सतर्कता के बावजूद रात के समय अचानक हुई भगदड़ से अफरा-तफरी मच गई, जिससे दर्जनभर लोगों की मौत की खबरें आ रही हैं, हालांकि प्रशासन ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

सीएम योगी की अपील
रात एक बजे के बाद महाकुंभ क्षेत्र में स्थिति सामान्य होने लगी, लेकिन सुरक्षा को लेकर प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ के अचानक बढ़ने से भगदड़ की स्थिति बनी। इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे संगम नोज पर जाने का प्रयास न करें और जहां हैं वहीं स्नान करें। सुरक्षा कारणों से सुबह अखाड़ों द्वारा स्थगित किया गया अमृत स्नान अब भीड़ के कम होने के बाद संपन्न हो रहा है। मेले में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ने के कारण प्रशासन भीड़ नियंत्रण की रणनीति पर लगातार काम कर रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हालात नियंत्रण में हैं और श्रद्धालुओं को अफवाहों से दूर रहना चाहिए। उन्होंने अपील की कि लोग संगम नोज की ओर जाने की कोशिश न करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। हालांकि, उन्होंने हताहतों की संख्या को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी, जिससे कई सवाल उठ रहे हैं।

नागा साधुओं का भव्य अमृत स्नान
प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या के शुभ अवसर पर अखाड़ों के नागा साधु और संतों ने पवित्र संगम में अमृत स्नान की शुरुआत कर दी है। जैसे ही संतों ने डुबकी लगाई, हेलीकॉप्टर से उन पर पुष्प वर्षा कर इस पावन क्षण को और दिव्यता प्रदान की गई। मौनी अमावस्या को हिंदू धर्म में बेहद शुभ माना जाता है, और इस दिन संगम में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति का विश्वास किया जाता है। हालांकि, भारी भीड़ और अव्यवस्था के कारण अखाड़ों के अमृत स्नान में करीब 10 घंटे की देरी हुई, लेकिन अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
भगदड़ से मची अफरा-तफरी, प्रशासन सतर्क
आज सुबह संगम तट पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जिससे अचानक भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। सूत्रों के मुताबिक, हादसे में 17 लोगों की मौत होने की खबर है, लेकिन प्रशासन ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। प्रयागराज महाकुंभ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, फिर भी बैरिकेडिंग टूटने से कई श्रद्धालु घायल हो गए। घायलों को कुंभ मेला क्षेत्र में बनाए गए केंद्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्पेशल एग्जीक्यूटिव ऑफिसर आकांक्षा राणा ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।



