यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका-यूक्रेन मिनरल्स डील पर दस्तखत करने की इच्छा जाहिर की है। लंदन में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने कहा कि ट्रम्प के साथ हालिया बहस के बावजूद वे अमेरिका के साथ सहयोग जारी रखना चाहते हैं। जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि इस विवाद से केवल रूस को लाभ हुआ है, जबकि यूक्रेन और अमेरिका को एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें व्हाइट हाउस से बुलावा आता है, तो वे मिनरल डील को अंतिम रूप देने के लिए तैयार हैं।
यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी बनी अहम मुद्दा
जेलेंस्की ने कहा कि मिनरल डील के साथ-साथ यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी पर भी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि जब तक इस विषय पर सहमति नहीं बनती, तब तक किसी भी डील पर हस्ताक्षर करना मुश्किल होगा। उन्होंने अपने साझेदारों से आग्रह किया कि वे इस जंग की वास्तविकता को समझें और ध्यान दें कि इसमें आक्रामक पक्ष कौन है। जेलेंस्की का मानना है कि सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना किसी भी समझौते का कोई मतलब नहीं होगा।
अमेरिका-यूक्रेन साझेदारी को लेकर जताया भरोसा
सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में जेलेंस्की ने अमेरिका के सहयोग को सराहा और कहा कि यूक्रेन हर दिन अमेरिका के समर्थन के लिए आभार व्यक्त करता है। उन्होंने यह भी कहा कि शांति स्थापित करने के लिए सुरक्षा गारंटी बेहद जरूरी है, न केवल यूक्रेन बल्कि पूरे यूरोप के लिए। जेलेंस्की ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका और यूक्रेन को एक साथ आकर काम करना होगा ताकि रूस को इस युद्ध में किसी भी तरह का फायदा न मिले।

ट्रम्प संग विवाद के बाद मिनरल डील पर अनिश्चितता
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच 28 फरवरी को मिनरल्स डील पर बातचीत के दौरान तनाव बढ़ गया, जिसके चलते यह समझौता रद्द हो गया। जेलेंस्की बिना किसी नतीजे के लंदन लौट गए, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका और यूक्रेन के बीच रिश्ते बरकरार रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका से समर्थन बंद होता है, तो इसका सीधा फायदा रूस को मिलेगा, जिससे पूरे यूरोप की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
रूस के कब्जे को लेकर जेलेंस्की का सख्त रुख
रविवार को जेलेंस्की ने साफ शब्दों में कहा कि यूक्रेन अपने किसी भी कब्जे वाले इलाके को रूस की मान्यता नहीं देगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी जमीन और आजादी बिकाऊ नहीं है और इसके लिए यूक्रेन पहले ही भारी कीमत चुका रहा है। जेलेंस्की ने रूस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यह युद्ध थोपे जाने के बावजूद वे अपनी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास जारी रखेंगे, भले ही इसके लिए लंबा संघर्ष करना पड़े।



