मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक सुभाष नगर मार्केट में 110 दुकानों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई शहर में अब तक की सबसे बड़ी अतिक्रमण विरोधी मुहिम मानी जा रही है। प्रशासन, नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस बल की संयुक्त टीम ने सख्त सुरक्षा व्यवस्था के तहत यह ऑपरेशन पूरा किया। इस दौरान बाजार में अफरा-तफरी का माहौल रहा, जबकि स्थानीय व्यापारियों ने विरोध जताने का प्रयास किया।
ब्रिज निर्माण के लिए हटाए गए अतिक्रमण
प्रशासन ने यह कार्रवाई सुभाष नगर ब्रिज की तीसरी लेन के निर्माण कार्य के तहत की है, जिससे शहर की ट्रैफिक समस्या को कम किया जा सके। इस मार्ग पर लंबे समय से जाम की समस्या बनी हुई थी, जिसे देखते हुए सरकार ने ब्रिज का विस्तार करने का फैसला लिया। अधिकारियों के मुताबिक, ये सभी दुकानें अवैध रूप से बनाई गई थीं और इनके हटने से क्षेत्र में सुगम यातायात बहाल किया जा सकेगा।
कड़ी सुरक्षा में चला बुलडोजर
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन ने 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की थी। इसके अलावा, 8 एसडीएम, नगर निगम के अधिकारी और अन्य प्रशासनिक टीमों ने मौके पर मौजूद रहकर पूरे अभियान की निगरानी की। एक किलोमीटर के दायरे में बैरिकेडिंग कर दी गई थी, ताकि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति कार्रवाई स्थल तक न पहुंच सके।

दुकानदारों को पहले ही दिया गया था नोटिस
प्रशासन ने दुकानदारों को पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी और शनिवार तक का समय दिया था कि वे अपनी दुकानें खाली कर लें। तय समयसीमा खत्म होने के बाद रविवार सुबह से बुलडोजर की कार्रवाई शुरू कर दी गई। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया, जबकि प्रशासन का दावा है कि यह दुकानें वर्षों से अवैध रूप से बनी हुई थीं और बार-बार चेतावनी के बावजूद इन्हें नहीं हटाया गया।
भोपाल में अब तक की सबसे बड़ी अतिक्रमण कार्रवाई
राजधानी भोपाल में प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को अंजाम दिया। शहर की 40 साल पुरानी सुभाष नगर मार्केट में 110 दुकानों को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया। यह कदम सुभाष नगर ब्रिज की तीसरी लेन के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए उठाया गया है। प्रशासन का कहना है कि इस परियोजना से शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या का समाधान होगा और लोगों को सुगम यातायात का लाभ मिलेगा।
विरोध की आशंका
इस बड़े अभियान को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। करीब 1000 पुलिसकर्मियों, 8 एसडीएम और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद रहीं। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए 1 किलोमीटर के दायरे में बैरिकेडिंग कर दी गई थी, जिससे आम लोगों और मीडिया को भी घटनास्थल से दूर रखा गया। हालांकि, कुछ दुकानदारों ने इस कार्रवाई का विरोध करने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए ऑपरेशन को बिना किसी बाधा के पूरा किया।



