महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। इसी के तहत प्रयागराज में 52 अतिरिक्त IAS, IPS और PCS अधिकारियों की तैनाती की गई है। मुख्यमंत्री ने सख्त आदेश दिया है कि सभी अधिकारी अन्य कार्य छोड़कर तत्काल प्रयागराज पहुंचें और महाकुंभ की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाएं।
एसटीएफ चीफ अमिताभ यश विशेष विमान से पहुंचे
महाकुंभ की सुरक्षा को लेकर सरकार कोई भी ढील नहीं देना चाहती, इसी कारण STF चीफ अमिताभ यश को विशेष विमान से प्रयागराज भेजा गया। सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके। बड़ी संख्या में पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स और अन्य सुरक्षाबल भी कुंभ क्षेत्र में तैनात किए गए हैं, जिससे श्रद्धालु निर्भय होकर स्नान और पूजा-पाठ कर सकें।
माघ पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़
बुधवार को माघ पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब संगम में उमड़ पड़ा। सुबह 6 बजे तक करीब 70 लाख लोग पवित्र स्नान कर चुके थे, और यह संख्या दिनभर में 2 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इस अपार भीड़ को सुव्यवस्थित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है। स्नान घाटों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं, और पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।

ब्रह्म मुहूर्त से संगम पर उमड़ा आस्था का सैलाब
माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर महाकुंभ में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ब्रह्म मुहूर्त से ही संगम के तटों पर भक्तों की भीड़ लगी रही, जो गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। इस दिन स्नान के साथ ही एक महीने तक चलने वाले कल्पवास का समापन भी होता है। श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा लेकर अपने घरों की ओर लौट रहे हैं और अगले वर्ष पुनः मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त करने का संकल्प ले रहे हैं।
सुरक्षा के लिए हाई-टेक इंतजाम
माघी पूर्णिमा के महास्नान को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है। जल पुलिस, गोताखोर, फ्लड कंपनी पीएसी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को स्नान घाटों पर तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
सुव्यवस्थित यातायात और क्राउड मैनेजमेंट
मेले में दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया गया है। पुलिस, पीएसी, पैरामिलिट्री, एटीएस, एसटीएफ और एनएसजी कमांडो को भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात किया गया है। संगम क्षेत्र में भक्तों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए विशेष रूट प्लान तैयार किया गया है ताकि श्रद्धालु बिना किसी बाधा के स्नान कर सकें और सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।



