प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उत्तरकाशी दौरे में उत्तराखंड के शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अहम पहल की। उन्होंने गंगोत्री धाम के शीतकालीन गद्दी स्थल मुखवा में पूजा-अर्चना कर धार्मिक पर्यटन को संजीवनी देने का प्रयास किया। इसके साथ ही हर्षिल में उन्होंने उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब उत्तराखंड सिर्फ गर्मियों का पर्यटन स्थल नहीं रहेगा, बल्कि हर मौसम में पर्यटकों के लिए खुलेगा।
पर्यटन, तीर्थाटन और फिल्म इंडस्ट्री के लिए खुला निमंत्रण
प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के पर्यटन को नई दिशा देने के लिए तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, कॉरपोरेट जगत और फिल्म इंडस्ट्री को विशेष रूप से आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की वादियां हर मौसम में खास हैं और सर्दियों में यहां आकर बर्फीली चोटियों, गर्म पानी के कुंडों और शांत वादियों का आनंद लिया जा सकता है। फिल्म निर्माताओं के लिए उत्तराखंड को शूटिंग हब बनाने का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि यह राज्य प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है और इसे बड़े स्तर पर प्रमोट किया जाएगा। प्रधानमंत्री के इस दौरे से निश्चित रूप से उत्तराखंड के शीतकालीन पर्यटन को एक नई पहचान मिलेगी।
उत्तराखंड के प्रति आत्मीय लगाव और मां गंगा का आशीर्वाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर्षिल में जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तराखंड के प्रति अपनी गहरी भावनात्मक जुड़ाव को साझा किया। उन्होंने कहा कि यह भूमि आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण है और यहां आकर वे अपने परिवारजनों के बीच होने का अनुभव करते हैं। मां गंगा के शीतकालीन गद्दी स्थल मुखवा में पहुंचकर उन्होंने खुद को धन्य महसूस किया और कहा कि मां गंगा के आशीर्वाद से ही उन्हें दशकों तक उत्तराखंड की सेवा का सौभाग्य मिला है। उन्होंने काशी में अपने सांसद बनने को भी मां गंगा की कृपा बताया और भावुक होकर कहा कि मां गंगा ने ही उन्हें गोद लिया है, इसलिए वे आज इस पवित्र भूमि पर पहुंच पाए हैं।

उत्तराखंड का दशक – नए विकास की ओर बढ़ते कदम
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तराखंड के उज्जवल भविष्य की ओर संकेत करते हुए कहा कि कुछ साल पहले बाबा केदार के दर्शन के बाद उनके मन से सहज रूप में यह भाव निकला था कि यह दशक उत्तराखंड का होगा। अब यह भावना साकार हो रही है, क्योंकि उत्तराखंड विकास के नए आयाम छू रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रगति के लिए नई-नई योजनाएं लागू हो रही हैं और जिन आकांक्षाओं के साथ उत्तराखंड का गठन हुआ था, वे अब धीरे-धीरे पूरी हो रही हैं। पर्यटन, बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास के नए रास्ते खुल रहे हैं, जिससे उत्तराखंड को अपनी वास्तविक क्षमता को साकार करने का अवसर मिल रहा है।
शीतकालीन पर्यटन – उत्तराखंड की आर्थिकी को नई गति
प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड में सालभर पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अभी ज्यादातर पर्यटक मार्च से जून के बीच आते हैं, जिससे साल के बाकी महीनों में होटल, रिजॉर्ट और होमस्टे खाली पड़े रहते हैं। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है, जबकि सर्दियों में भी पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने ट्रैकिंग, स्कीइंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने और देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने की आवश्यकता बताई। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि उत्तराखंड में “365 दिन का पर्यटन” सुनिश्चित करना जरूरी है ताकि राज्य की आर्थिकी को मजबूती मिले और रोजगार के अवसर बढ़ें।



