एलन मस्क इन दिनों नाजी सैल्यूट और ‘हेल टेस्ला’ विवाद को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। हाल ही में, जर्मनी के बर्लिन-ब्रैंडेनबर्ग में टेस्ला की गीगाफैक्ट्री में ‘हेल टेस्ला’ का नारा दिया गया, जिसके बाद मस्क पर नाजी तानाशाह एडोल्फ हिटलर की नीतियों की तरफ इशारा करने का आरोप लगाया गया। इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान, मस्क की एक प्रतिक्रिया को नाजी सैल्यूट की तरह देखा गया, जिससे विवाद और गहराता गया।

इस मामले पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मस्क का बचाव करते हुए उन्हें इजरायल का अच्छा दोस्त बताया और कहा कि उनके इरादों को गलत तरीके से समझा गया है। हालांकि, इस पूरे प्रकरण ने मस्क और उनकी कंपनी टेस्ला को लेकर काफी सवाल खड़े कर दिए हैं।
एलन मस्क के बचाव में बोलें नेतन्याहू
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने नाजी सैल्यूट विवाद में एलन मस्क का बचाव करते हुए उन्हें इजरायल का अच्छा दोस्त बताया है। उन्होंने कहा कि मस्क ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हुए हमास के हमले के बाद इजरायल का दौरा किया और आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया। नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि एलन मस्क पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं और वे इजरायल के प्रति हमेशा समर्थन दिखाते रहे हैं।
एलन मस्क ने दी आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया
एलन मस्क ने नाजी सैल्यूट विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि कुछ कट्टरपंथी लोग हमास का समर्थन करने के अपने समय से ध्यान हटाकर उन्हें नाजी कहने की कोशिश कर रहे हैं। मस्क ने इजरायल के खिलाफ हो रहे आतंकवादी हमलों की आलोचना की और यहूदी राज्य के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करते हुए अपनी स्पष्ट राय रखी। नेतन्याहू ने भी मस्क की तारीफ करते हुए कहा कि वे इजरायल के साथ खड़े हैं और उनकी प्रशंसा के पात्र हैं।

एलन मस्क के सैल्यूट पर विवाद
सोमवार, 20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के शपथ ग्रहण समारोह में एलन मस्क शामिल हुए और मंच से भाषण दिया। अपने संबोधन के दौरान मस्क ने इस जीत को “गैर-सामान्य और महत्वपूर्ण” बताते हुए सभी को धन्यवाद दिया। भाषण खत्म करते हुए मस्क ने अपना दाहिना हाथ सीने तक लाकर बाहर की ओर फैलाया।
इंटरनेट पर इस जेस्चर को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जहां कई लोगों ने इसकी तुलना नाजी सैल्यूट से की। नाजी तानाशाह एडोल्फ हिटलर ने 1933 से 1945 तक इस सैल्यूट का इस्तेमाल अपने शासनकाल के दौरान किया था। हालांकि, मस्क ने इस तुलना को खारिज करते हुए कहा कि उनके इस इशारे को गलत समझा गया है।



