प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का शुभारंभ करते हुए निवेशकों को एमपी में अपार संभावनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने ‘ट्रिपल-T’ यानी टेक्सटाइल, टूरिज्म और टेक्नोलॉजी को निवेश के नए प्रमुख क्षेत्र बताते हुए कहा कि ये तीनों सेक्टर भारत के आर्थिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। एमपी की कॉटन इंडस्ट्री और प्राकृतिक सौंदर्य को देखते हुए यहां इन सेक्टर्स में निवेश की अपार संभावनाएं हैं।
मजबूत सप्लाई चेन और आत्मनिर्भर भारत
बजट में स्थानीय सप्लाई चेन को मजबूत करने पर खास जोर दिया गया है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। सरकार छोटे और मध्यम उद्यमों को समर्थन देकर उनकी सप्लाई चेन को विकसित कर रही है, जिससे भारत का औद्योगिक ढांचा और सशक्त होगा। इसके अलावा, 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री किए जाने का प्रावधान लोगों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में मदद करेगा।
व्यवधानकारी कानूनों का अंत और नए अवसर
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार बीते वर्षों में 1500 से अधिक पुराने और अनुपयोगी कानूनों को समाप्त कर चुकी है, जो विकास में बाधा बने हुए थे। इससे उद्योगों को सुगम व्यापारिक वातावरण मिलेगा। इसके साथ ही, न्यूक्लियर एनर्जी और लीथियम बैटरी निर्माण जैसे नए सेक्टर्स को निजी निवेश के लिए खोला जा रहा है, जो देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा।

संपर्क और कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक सुधार
मध्य प्रदेश अब लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी के मामले में बड़ी छलांग लगा रहा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा एमपी से गुजरता है, जिससे राज्य को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। पांच हजार किलोमीटर का सड़क नेटवर्क तैयार हो चुका है, जिससे व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आई है। इसके अलावा, एमपी में रेल नेटवर्क का 100% इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा हो चुका है और हवाई यात्रा की सुविधाओं को भी आधुनिक बनाया गया है, जिससे निवेशकों और व्यापारियों के लिए यहां पहुंचना और अधिक सुगम हो गया है।

ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और औद्योगिक बूम
मध्य प्रदेश अब ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बन चुका है। यहां 31 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिसमें से 30% क्लीन एनर्जी है। इससे राज्य को इंडस्ट्रियल ग्रोथ में जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। बीना रिफाइनरी में 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जो एमपी को पेट्रोकेमिकल हब बनाने में मदद करेगा। इसके अलावा, राज्य में 300 से अधिक इंडस्ट्रियल जोन विकसित किए जा रहे हैं, जिससे निवेशकों को बेहतरीन अवसर और उच्च रिटर्न की संभावनाएं मिल रही हैं।
एमपी: एक उभरता हुआ निवेश गंतव्य
जहां कभी निवेशक मध्य प्रदेश में निवेश करने से हिचकिचाते थे, वहीं आज एमपी देश के सबसे आकर्षक निवेश स्थलों में से एक बन चुका है। पिछले दो दशकों में राज्य ने जबरदस्त बदलाव देखा है। कृषि, माइनिंग और इंडस्ट्रियल सेक्टर में एमपी तेजी से आगे बढ़ रहा है। खासतौर पर इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में राज्य ने बड़ी प्रगति की है, जहां दो लाख से अधिक ईवी वाहनों का पंजीकरण हो चुका है। एमपी अब सिर्फ एक औद्योगिक हब ही नहीं, बल्कि सोलर एनर्जी सुपरपावर बनने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।



