ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मध्य प्रदेश ने निवेश के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। राज्य को कुल 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें प्रमुख रूप से क्लीन एनर्जी, औद्योगिक विनिर्माण और रिटेल क्षेत्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे सिर्फ एक आर्थिक उपलब्धि नहीं, बल्कि विकास के नए युग की शुरुआत करार दिया। उन्होंने कहा कि यह निवेश न केवल आर्थिक मजबूती देगा, बल्कि 21.4 लाख नए रोजगार के अवसर भी सृजित करेगा, जिससे राज्य के युवाओं को सुनहरा भविष्य मिलेगा।
क्लीन एनर्जी में बड़ा निवेश, NTPC-अदाणी ने जताया भरोसा
मध्य प्रदेश ग्रीन एनर्जी हब बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इन्वेस्टर्स समिट के दौरान 8.62 लाख करोड़ रुपये की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए प्रतिबद्धता जताई गई। अदाणी समूह और NTPC जैसी बड़ी कंपनियों ने सौर संयंत्र और पंप पनबिजली परियोजनाओं में निवेश करने का फैसला किया है। इन प्रोजेक्ट्स से राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में नए रोजगार भी उत्पन्न होंगे।
औद्योगिक विनिर्माण और रिटेल में निवेश की नई लहर
मध्य प्रदेश की औद्योगिक नीति और बुनियादी ढांचे में सुधार का सीधा असर निवेश पर पड़ा है। समिट के दौरान 8.52 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव औद्योगिक विनिर्माण क्षेत्र में आए, जो देश के इस सेक्टर में राज्य की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। इसके अलावा, जापान की प्रसिद्ध रिटेल कंपनी यूनिक्लो ने मध्य प्रदेश में रेडिमेड कपड़ों के क्षेत्र में निवेश के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। यह राज्य को वैश्विक बाजार से जोड़ने और रोजगार के नए अवसर देने में सहायक होगा।

मध्य प्रदेश को ऐतिहासिक निवेश
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मध्य प्रदेश को 30.77 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव मिले हैं। क्लीन एनर्जी से लेकर औद्योगिक विनिर्माण तक, विभिन्न क्षेत्रों में निवेशकों ने बड़ी रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे सिर्फ एक आर्थिक उपलब्धि नहीं, बल्कि विकास और नए अवसरों की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि ये निवेश 21.4 लाख नए रोजगार के सृजन का मार्ग प्रशस्त करेंगे, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं को नए अवसर मिलेंगे।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और इन्फ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार शहरी विकास, पर्यटन और विमानन को भी प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भोपाल में एक नया सम्मेलन केंद्र बनाने की योजना पर विचार किया जा रहा है, जिससे राज्य को वैश्विक आयोजनों के लिए तैयार किया जा सके। साथ ही, प्रदेश के दूरदराज के इलाकों को हवाई संपर्क से जोड़ने के लिए सरकार ने प्रति उड़ान सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। अंतरराष्ट्रीय संपर्क को मजबूत करने के लिए राज्य में उतरने वाली हर अंतरराष्ट्रीय उड़ान पर 10 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाएगी, जिससे व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
कांग्रेस पर हमला, निवेश को लेकर भाजपा की नीतियों की तारीफ
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस शासनकाल की आलोचना करते हुए कहा कि 2003-04 तक राज्य में औद्योगिक विकास ठप था, जिससे कई कंपनियां राज्य छोड़कर चली गई थीं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के प्रयासों से यह प्रवृत्ति बदली गई और नए निवेश आकर्षित करने के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि कारोबार सुगमता बढ़ाने के लिए राज्य ने अनुमतियों की संख्या घटाई और अनुमोदन प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया। उनका मानना है कि यह निवेश शिखर सम्मेलन राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई तक ले जाएगा।



