मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ से सम्मानित करने की घोषणा की है। यह पुरस्कार पाने वाले पीएम मोदी पहले भारतीय होंगे। खास बात यह है कि यह किसी देश द्वारा उन्हें दिया गया 21वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार है, जो भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है।
भारतीय समुदाय के बीच हुई घोषणा
इस प्रतिष्ठित सम्मान की घोषणा मॉरीशस में भारतीय समुदाय के एक विशेष कार्यक्रम के दौरान की गई। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि भारत और मॉरीशस के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है। उन्होंने इस सम्मान को विनम्रता से स्वीकार करते हुए मॉरीशस की जनता और सरकार का आभार जताया।
भोजपुरी में संबोधन से दिल जीता
अपने संबोधन की शुरुआत पीएम मोदी ने भोजपुरी में की, जिससे वहां मौजूद भारतीय समुदाय के लोग बेहद भावुक हो गए। उन्होंने अपनी पिछली यात्रा को याद करते हुए कहा कि दस साल पहले भी वे होली के समय मॉरीशस आए थे और इस बार वह होली के रंग लेकर भारत लौटेंगे। पीएम मोदी का यह आत्मीय अंदाज भारत-मॉरीशस के गहरे सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने वाला क्षण बन गया।

भारत-मॉरीशस के ऐतिहासिक संबंधों की मिठास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और मॉरीशस के ऐतिहासिक रिश्तों पर बात करते हुए एक दिलचस्प किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि कभी भारत के पश्चिमी हिस्सों में मिठाइयों के लिए मॉरीशस से चीनी लाई जाती थी। इसी संदर्भ में उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि शायद यही वजह है कि गुजराती भाषा में चीनी को ‘मोरस’ कहा जाता है। पीएम मोदी ने इस किस्से के माध्यम से दोनों देशों के संबंधों की “मिठास” को और गहराने की बात कही और मॉरीशस के नागरिकों को उनके राष्ट्रीय दिवस की शुभकामनाएं दीं।
आस्था, संस्कृति और साझी विरासत का सम्मान
पीएम मोदी ने भारत-मॉरीशस के सांस्कृतिक संबंधों को याद करते हुए 1998 के अंतरराष्ट्रीय रामायण सम्मेलन का जिक्र किया, जब वे सरकारी पद पर नहीं थे और सम्मेलन में भाग लेने मॉरीशस आए थे। उस समय भी मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम ही थे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नवीन रामगुलाम उनके शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली आए थे, जो दोनों देशों के गहरे रिश्तों का प्रमाण है। पीएम मोदी ने कहा कि मॉरीशस में प्रभु श्रीराम और रामायण के प्रति गहरी आस्था है, जो भारत और मॉरीशस को आध्यात्मिक रूप से भी जोड़ती है।



