
भारत आधिकारिक सांख्यिकी के लिए बनी बिग डेटा और डेटा विज्ञान पर संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों की समिति (यूएन-सीईबीडी) में शामिल हो गया है। इस समिति की स्थापना बिग डेटा के लाभों और चुनौतियों की जांच करने के लिए की गई थी। इसके कार्यों में सतत विकास लक्ष्यों की निगरानी और रिपोर्टिंग की क्षमता भी शामिल है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) ने बयान में कहा है कि भारत आधिकारिक सांख्यिकी के लिए ‘बिग डेटा और डेटा विज्ञान पर संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों की समिति’ (यूएन-सीईबीडी) में शामिल हो गया है। समिति के एक अंग के तौर पर भारत आधिकारिक सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए बिग डेटा और डेटा विज्ञान का उपयोग करने में वैश्विक मानकों और चलन को आकार देने में योगदान देगा।
विशेषज्ञ समिति में भारत की सक्रिय भागीदारी, इसकी अग्रणी पहलों को उजागर करेगी, जिसमें डेटा इनोवेशन लैब की स्थापना और नीति निर्माण के लिए उपग्रह इमेजरी और मशीन लर्निंग जैसे वैकल्पिक डेटा स्रोतों की खोज शामिल है। यह सदस्यता भारत के लिए बिग डेटा और डेटा विज्ञान में अपनी घरेलू प्रगति को अंतर्राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ साझा करने का रणनीतिक अवसर है। यह डेटा डोमेन में परिवर्तनकारी पहलों का नेतृत्व करने की देश की क्षमता को प्रदर्शित करता है। भारत के पास बिग डेटा और उन्नत डेटा विज्ञान तकनीकों में आधिकारिक आंकड़ों के उत्पादन और प्रसार में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता है।भारत का लक्ष्य आईओटी, उपग्रह इमेजरी और निजी क्षेत्र के डेटा स्ट्रीम जैसे गैर-पारंपरिक डेटा स्रोतों को एकीकृत करके अपनी सांख्यिकीय प्रक्रियाओं का आधुनिकीकरण करना, अनुमानों की सटीकता को बढ़ाना और नीति निर्माण और शासन के लिए महत्वपूर्ण डेटा की समय पर उपलब्धता को सक्षम करना है।


