
ब्रिज की कम ऊंचाई की बाउंड्री वॉल और फुटपाथ का नहीं होना एक बार फिर से जानलेवा साबित हुआ है। दरअसल, मध्य प्रदेश में हाई प्रोफाइल सीट विदिशा के खरीफाटक ओवर ब्रिज पर बीते सोमवार को एक हादसा हो गया। इस बार कमलेश किरार नामक शख्स हादसे का शिकार हो गए हैं। खरीफाटक ब्रिज पर सामने से कार आने के कारण वह एक तरफ हो रहे थे कि इसी दौरान वह ब्रिज से नीचे गिर गए। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। गुस्साए परिजन शव लेकर खरीफाटक ब्रिज पहुंचे और शव को रखकर चक्काजाम कर दिया। उसके बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने परिजनों को ब्रिज पर जल्द से जल्द रेलिंग लगाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही परिजनों ने चक्काजाम खत्म किया। कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहित रघुवंशी के साथ कई कांग्रेसी नेता भी इस मौके पर पहुंचे थे। सभी ने ऐसी घटना के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया और ब्रिज पर रेलिंग लगाने की मांग की।
आपको बता दें कि 2018 में सेतु निगम ने खरीफाटक ओवर ब्रिज का निर्माण किया था पर एक किलोमीटर लंबे इस ब्रिज पर कई तकनीकी खामियां हैं। इस ओवर ब्रिज पर पैदल चलने वालों के लिए ना तो फुटपाथ का निर्माण किया गया था और ब्रिज की बाउंड्री वॉल भी कम ऊंचाई की बनाई गई थी जो लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। खरीफाटक ब्रिज पर पहले ही कई हादसे हो चुके हैं जिनमें 6 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इससे पहले सितंबर में पति-पत्नी की मौत के बाद जनप्रतिनिधि और प्रशासन जागा था। विधायक मुकेश टंडन, प्रशासनिक अधिकारियों और सेतु निगम के अधिकारी ने खरीफाटक ब्रिज का निरीक्षण किया था और ब्रिज पर हो रहे हादसों की बारीकी से जांच की थी। ब्रिज की कम ऊंचाई की बाउंड्री वॉल और फुटपाथ का नहीं होना परेशानी का कारण बनके सामने आया था। इसलिए इस ब्रिज पर बाउंड्री वॉल पर एक मीटर की ऊंचाई की जाली लगाने का निर्णय हुआ था पर अधिकारियों की लापरवाही के कारण चार महीने गुजर चुकें हैं पर अभी तक भी ब्रिज की बाउंड्री वॉल पर जाली नहीं लग पाई है जिसके कारण ही एक और व्यक्ति को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है।


