दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आज सुबह 7 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राजधानी के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 13,766 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इस बार के चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच कांटे की टक्कर बताई जा रही है, जबकि कांग्रेस भी अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश में है। चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए अर्धसैनिक बलों की 200 से अधिक कंपनियों और 35,000 से ज्यादा पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, और ड्रोन से भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी।
मुद्दों की जंग: पानी, सड़क और भ्रष्टाचार
इस चुनाव में यमुना का प्रदूषित पानी, भ्रष्टाचार और खराब सड़कों का मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। दिल्ली में जल संकट और गंदे पानी की आपूर्ति को लेकर आम आदमी पार्टी विपक्षी दलों के निशाने पर रही, जबकि बीजेपी ने केजरीवाल सरकार को भ्रष्टाचार और वादाखिलाफी के आरोपों पर घेरा। कांग्रेस ने भी इन मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाया और जनता के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश की। अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता किस पार्टी के दावों पर भरोसा जताती है।
क्या AAP करेगी हैट्रिक या बीजेपी-कांग्रेस बनाएगी नई रणनीति?
अगर आम आदमी पार्टी इस चुनाव में जीत दर्ज करती है, तो वह लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करेगी। दूसरी ओर, बीजेपी 25 साल से दिल्ली की सत्ता से बाहर है और इस बार पूरी ताकत के साथ वापसी की कोशिश कर रही है। कांग्रेस 2013 के बाद से सत्ता से बाहर रही है और इस चुनाव में बेहतर प्रदर्शन कर अपनी खोई हुई पकड़ को दोबारा हासिल करना चाहती है। जनता का फैसला 8 फरवरी को सामने आएगा, जिससे यह साफ होगा कि दिल्ली किसे अपना आशीर्वाद देती है।

उम्मीदवारों की परीक्षा, 699 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर
दिल्ली चुनाव में इस बार कुल 699 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। सभी प्रमुख दलों ने अपने सबसे मजबूत उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, ताकि अधिक से अधिक सीटें जीती जा सकें। आम आदमी पार्टी ने अपने विकास कार्यों के दम पर चुनाव लड़ा है, जबकि बीजेपी मोदी सरकार की नीतियों और राष्ट्रवाद के मुद्दे को लेकर चुनावी मैदान में उतरी है। कांग्रेस ने भी अपने पारंपरिक वोट बैंक को साधने की कोशिश की है।
शांतिपूर्ण मतदान की तैयारी, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। दिल्ली में 3000 से ज्यादा मतदान केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है, जहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी रख रही हैं और पुलिस की अतिरिक्त टीमें संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रही हैं। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो और मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके।



