धमतरी त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी उत्तम मरकाम के नामांकन पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी द्वारा आपत्ति दर्ज कराने से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा समर्थित प्रत्याशी, जो मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समधी व पूर्व डीएसपी टीकाराम कंवर हैं, ने मरकाम के खिलाफ सरपंच पद पर रहते हुए आर्थिक अनियमितताओं और रिकवरी से जुड़े मुद्दों को आधार बनाकर दावा आपत्ति दायर की। इस पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम सरकार के दबाव में हो रहा है, ताकि उनके प्रत्याशी को चुनावी दौड़ से बाहर किया जा सके।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष की चेतावनी से बढ़ी हलचल
कांग्रेस जिलाध्यक्ष शरद लोहाना ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ षड्यंत्र करार देते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर भाजपा समर्थित प्रत्याशी चुनाव जीतते हैं, तो वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। उनके इस बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है और यह मामला कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी टकराव की स्थिति में पहुंच गया है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस आपत्ति पर क्या फैसला लेता है और चुनावी मैदान में कौन सा पक्ष मजबूत स्थिति में उभरता है।
भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, इस्तीफे की चुनौती से गरमाई राजनीति
धमतरी त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में कांग्रेस जिलाध्यक्ष शरद लोहाना के इस्तीफे की चुनौती से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। लोहाना ने भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि उनके प्रत्याशी उत्तम मरकाम का नामांकन रद्द किया जाता है, तो यह अन्यायपूर्ण होगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समधी टीकाराम कंवर चुनाव जीतते हैं, तो वह कांग्रेस पद से इस्तीफा दे देंगे, और यदि कंवर हारते हैं, तो मुख्यमंत्री को भी अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। इस बयान के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

धमतरी में राजनीतिक घमासान, अब सभी की नजरें इस क्षेत्र पर
जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक नौ मगरलोड-मोहंदी इस चुनाव में सबसे अधिक चर्चित क्षेत्र बन गया है। भाजपा ने यहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समधी व रिटायर्ड डीएसपी टीकाराम कंवर को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य और सरपंच रहे उत्तम मरकाम को मैदान में उतारा है। चुनावी मुकाबला बेहद कांटे का होने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि दोनों दल इसे अपनी साख का मुद्दा बना चुके हैं। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सत्ता के प्रभाव का उपयोग कर नामांकन रद्द कराने का प्रयास कर रही है, जिससे निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।
आरोप-प्रत्यारोप के बीच टकराव के संकेत
नामांकन प्रक्रिया के दौरान चार फरवरी को भाजपा की ओर से उत्तम मरकाम के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई गई थी। भाजपा का दावा है कि उनके सरपंच कार्यकाल के दौरान लाखों रुपये की अनियमितता हुई, इसलिए उनका चुनाव लड़ना अनुचित होगा। दूसरी ओर, कांग्रेस इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए प्रशासन पर दबाव में काम करने का आरोप लगा रही है। चुनाव चिन्हों के आवंटन और नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह मुकाबला और रोचक हो जाएगा। अब देखना होगा कि जनता किसे अपना समर्थन देती है और यह चुनावी लड़ाई किस ओर रुख करती है।



