सीएम मोहन यादव ने घोषणा की — मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरियों के लिए यूपीएससी जैसी एकीकृत परीक्षा प्रणाली लागू होगी; 20 हजार पुलिस भर्ती और वेतन–पेंशन सुधार की दिशा में बड़ा कदम।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि अब मध्यप्रदेश में सभी सरकारी भर्तियां यूपीएससी की तर्ज पर एक समान परीक्षा प्रणाली के तहत होंगी। अलग-अलग विभागों में परीक्षाओं के कारण लगने वाले समय और देरी को खत्म करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। नई व्यवस्था से युवाओं को रोजगार के अवसर तेज़ी और पारदर्शिता के साथ मिल सकेंगे।
कर्मचारियों के हित में बड़े फैसले
राज्य कर्मचारी संघ के दीपावली मिलन समारोह में सीएम ने कर्मचारियों को भी बड़ी राहत दी। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग के 20 हजार रिक्त पद अगले तीन साल में भरे जाएंगे। साथ ही, वेतन विसंगतियों और ग्रेड पे में अंतर दूर करने के लिए एक नया कर्मचारी आयोग गठित किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी करेंगे।
नई पेंशन व्यवस्था पर बनेगी नीति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि 1 जनवरी 2005 या उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए नई पेंशन व्यवस्था (NPS) की समीक्षा हेतु एक विशेष कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी ताकि कर्मचारियों को बेहतर पेंशन लाभ मिल सके। सीएम ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेकर स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रही है।
HRA भुगतान और कर्मचारियों की मांगें
डॉ. यादव ने घोषणा की कि नौ साल से लंबित हाउस रेंट अलाउंस (HRA) का भुगतान पूरा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मुस्कान ही सरकार की असली ताकत है, क्योंकि वे ही योजनाओं को धरातल तक पहुंचाते हैं। इस मौके पर राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने सीएम को मांग पत्र सौंपा, जिसमें सेवानिवृत्ति आयु समान करने, महंगाई भत्ता बढ़ाने और शिक्षकों की वरिष्ठता नियुक्ति तिथि से तय करने जैसी मांगें शामिल थीं।


