रंगपंचमी के अवसर पर करीला धाम पहुंचे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव एक हादसे में बाल-बाल बच गए। जब मुख्यमंत्री करीला मेले में शामिल होकर मीडिया से बातचीत कर रहे थे, तभी सीढ़ियां अचानक टूट गईं। इस दौरान सीएम लड़खड़ा गए, लेकिन समय रहते कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें संभाल लिया। इस घटना के बाद वहां मौजूद अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।
मीडिया से बात करते समय टूटी सीढ़ी
घटना तब घटी जब मुख्यमंत्री मोहन यादव करीला धाम में मीडिया को संबोधित कर रहे थे। जैसे ही वे सीढ़ियों पर खड़े होकर बोल रहे थे, अचानक सीढ़ी का एक हिस्सा टूट गया, जिससे मुख्यमंत्री असंतुलित होकर गिरने लगे। गनीमत रही कि कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल उन्हें पकड़ लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

करीला मेले में उमड़ी थी भारी भीड़
करीला धाम में आयोजित इस मेले में अब तक करीब 5 लाख लोग पहुंच चुके थे। इसी भीड़ के बीच सीएम मोहन यादव का दौरा भी हुआ था। इस घटना के बाद वहां सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटना को टालने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
रंगपंचमी के जश्न में बड़ा हादसा टला
रंगपंचमी के मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव करीला मेले में पहुंचे थे। वहां मीडिया से बातचीत के लिए वे एक छत पर बनी सीढ़ी पर चढ़े। इसी दौरान अचानक सीढ़ी टूट गई, जिससे मुख्यमंत्री गिरने लगे। गनीमत रही कि पास खड़े सुरक्षाकर्मियों और कार्यकर्ताओं ने फुर्ती दिखाते हुए उन्हें संभाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री इंदौर के लिए रवाना हो गए।

सीएम दूसरी सीढ़ी पर ही खड़े थे, बड़ा हादसा टला
इस घटना में राहत की बात यह रही कि मुख्यमंत्री सीढ़ियों के ऊपरी हिस्से पर नहीं बल्कि दूसरी-तीसरी सीढ़ी पर ही खड़े थे। इससे आसपास खड़े लोगों ने उन्हें तुरंत पकड़कर सुरक्षित नीचे उतार लिया। अगर सीएम ऊंचाई पर होते या सहायता में कुछ सेकंड की भी देरी होती, तो गंभीर हादसा हो सकता था।
सीएम की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब प्रशासन को सीएम के आने की जानकारी थी, तो मंच और सीढ़ियों की सुरक्षा जांच क्यों नहीं की गई? आयोजकों द्वारा सीढ़ी की मजबूती का सही तरीके से निरीक्षण न किया जाना लापरवाही को दर्शाता है। फिलहाल अधिकारियों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।



