नई दिल्ली के प्रगति मैदान में विश्व पुस्तक मेला 2025 का शुभारंभ शनिवार से होगा, जिसका उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंडपम में करेंगी। इस साल की थीम ‘रिपब्लिक@75’ (हम भारत के लोग) रखी गई है, जो भारत की लोकतांत्रिक यात्रा और उपलब्धियों को रेखांकित करेगी। मेले में 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे और 2,000 से अधिक प्रकाशकों एवं प्रदर्शकों की भागीदारी देखने को मिलेगी। इस दौरान साहित्य प्रेमियों को विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों और लेखन शैलियों की एक अनूठी झलक मिलेगी।

रूस होगा फोकस राष्ट्र, वैश्विक लेखकों की भागीदारी
इस वर्ष के मेले में रूस को “फोकस राष्ट्र” के रूप में नामित किया गया है, जिससे रूस की समृद्ध साहित्यिक परंपरा को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा, फ्रांस, कतर, स्पेन, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और कोलंबिया सहित कई देशों के प्रसिद्ध लेखक और वक्ता अपने विचार साझा करेंगे। पुस्तक मेला सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें साहित्य, कला, संस्कृति, विज्ञान और सिनेमा से जुड़े विविध सत्र आयोजित किए जाएंगे।
प्रसिद्ध हस्तियां और बच्चों के लिए खास आयोजन
मेले को और भी आकर्षक बनाने के लिए इसमें कई जानी-मानी हस्तियां शामिल होंगी। अभिनेता पंकज त्रिपाठी, लेखक शशि थरूर, इतिहासकार पुष्पेश पंत, फिल्म निर्माता प्रकाश झा और कवि कुमार विश्वास जैसे दिग्गज अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। साथ ही, बच्चों के लिए विशेष पवेलियन और इंटरैक्टिव सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मनोरंजन और ज्ञानवर्धक गतिविधियों का समावेश होगा। यह पुस्तक मेला न केवल साहित्य प्रेमियों बल्कि हर आयु वर्ग के लोगों के लिए एक अद्वितीय अनुभव बनने जा रहा है।
विश्व पुस्तक मेले में प्रवेश और टिकट की जानकारी
नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले 2025 में प्रवेश के लिए टिकट दरें बेहद किफायती रखी गई हैं। वयस्कों के लिए 20 रुपये, जबकि बच्चों के लिए 10 रुपये टिकट का मूल्य निर्धारित किया गया है। खास बात यह है कि दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और स्कूल यूनिफॉर्म में आने वाले छात्रों को निःशुल्क प्रवेश मिलेगा। टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग के लिए nbtindia.gov.in वेबसाइट पर जाकर NDWBF 2025 सेक्शन में टिकट बुक कर सकते हैं। टिकट खरीदने के बाद आपको एक QR कोड प्राप्त होगा, जिसे गेट पर स्कैन कर प्रवेश किया जा सकता है।

मेला स्थल तक कैसे पहुंचे?
विश्व पुस्तक मेला भारत मंडपम, प्रगति मैदान में आयोजित किया जा रहा है, जहां आने-जाने के लिए मेट्रो सबसे सुविधाजनक विकल्प है। मेले का निकटतम मेट्रो स्टेशन सुप्रीम कोर्ट (पूर्व में प्रगति मैदान) है। आगंतुकों की सुविधा के लिए गेट नंबर 3, 4 और 10 से प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही, गेट नंबर 10 से शटल सेवा भी उपलब्ध होगी, जिससे आगंतुकों को आयोजन स्थल तक पहुंचने में आसानी होगी।
समय और आयोजन की विस्तृत जानकारी
पुस्तक मेला 1 फरवरी से 9 फरवरी 2025 तक चलेगा । मेला हर दिन सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहेगा। इस मेले में 2,000 से अधिक प्रकाशक और 1,000 से ज्यादा वक्ता शामिल होंगे। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के निदेशक युवराज मलिक का कहना है कि यह मेला भारत की सांस्कृतिक धरोहर और भविष्य की आकांक्षाओं को जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा। साहित्य प्रेमियों के लिए यह मेला एक अद्वितीय अनुभव साबित होगा।



