मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र 2025-26 का आज आठवां दिन था, और जैसे-जैसे सत्र आगे बढ़ रहा है, विपक्ष की ओर से सरकार पर हमले तेज होते जा रहे हैं। इस दिन भी कांग्रेस ने मोहन सरकार को घेरने की पूरी कोशिश की। विपक्ष ने कई सवाल उठाए, जो सरकार को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास कर रहे थे। इन सवालों ने न केवल सरकार को चुनौती दी, बल्कि भाजपा के दिग्गज नेता नरेंद्र शिवाजी पटेल को भी भावुक कर दिया। सत्र के दौरान अचानक विपक्ष के तीखे सवालों का जवाब देते हुए पटेल की आंखों में आंसू आ गए, और वह फूट-फूट कर रो पड़े।
विपक्ष के सवालों ने भाजपा के दिग्गज नेता को किया भावुक
सदन में हो रहे इस हंगामे के बीच विपक्ष ने कई अहम मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा, जिससे भाजपा के मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को गहरी भावनात्मक प्रतिक्रिया देने पर मजबूर कर दिया। कांग्रेस ने जो सवाल उठाए, वह सरकार की नीतियों और कार्यों पर सीधा हमला थे, और इसका सीधा असर मंत्री पटेल पर पड़ा। विपक्ष के सवालों ने न केवल उन्हें भावुक किया, बल्कि उन्होंने अपनी कमजोरियों और सरकार की कार्यशैली पर खुलकर बात की। इस दौरान पटेल ने अपने आंसुओं को छुपाने की कोशिश की, लेकिन सदन में माहौल गरमाने के बाद उनका संयम टूट गया।

मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल क्यों रो पड़े?
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक भावुक घटना घटी, जब राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए रो पड़े। दरअसल, मंत्री पटेल ने सदन में कहा था कि पुलिस का मनोबल बनाए रखा जाए, लेकिन इस पर कांग्रेस नेता अजय सिंह ने तीखा विरोध किया। अजय सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस तानाशाही पर उतारू हो गई है, और विधायकों पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। साथ ही, उन्होंने कहा कि पुलिस का व्यवहार जनता के प्रति दुर्व्यवहार में बदल चुका है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के गृह विभाग पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि मुख्यमंत्री सदन में नहीं आकर जवाब नहीं दे रहे हैं, जबकि मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को जवाब देना पड़ रहा है। इस दबाव और विपक्ष के हमले के बीच मंत्री शिवाजी पटेल खुद को रोक नहीं सके और भावुक होकर रो पड़े।
मंत्री ने की थाना प्रभारी के निलंबन की घोषणा
मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने सदन में घोषणा की कि जिस थाना प्रभारी के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, उसे निलंबित कर दिया जाएगा और इस मामले की जांच भी शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद मंत्री ने इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाई और अपनी भावनाओं को साझा करते हुए, पुलिस के व्यवहार के सुधार की दिशा में कदम उठाने की बात की। मंत्री पटेल की इस घोषणा ने सदन में हलचल मचा दी और साथ ही विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही की ओर एक कदम बढ़ाया।



