उत्तर प्रदेश सरकार ने आज अपना बजट पेश किया, जिसमें राज्य के विकास और जनकल्याण को प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की मौजूदगी में पेश किए गए इस बजट में कई बड़ी घोषणाएं की गईं। मेधावी छात्राओं को पात्रता के आधार पर स्कूटी देने और युवाओं को बिना ब्याज के लोन देने का ऐलान किया गया है। इसके अलावा, प्रदेश में चार नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे और 58 नगर पालिकाओं को स्मार्ट सिटी में तब्दील करने की योजना पर काम होगा।
बुनियादी ढांचे और सड़क निर्माण को बढ़ावा
यूपी सरकार ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर बजट आवंटित किया है। प्रदेश में नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के लिए 200 करोड़, राजमार्गों के चौड़ीकरण के लिए 2900 करोड़ और सड़कों के रखरखाव के लिए 3000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। ग्रामीण सेतुओं के निर्माण और बाईपास-रिंगरोड प्रोजेक्ट्स पर भी भारी निवेश किया जाएगा, जिससे प्रदेश में सुगम यातायात सुनिश्चित किया जा सके।

कृषि, ऊर्जा और जल प्रबंधन में बड़े निवेश
किसानों के कल्याण के लिए सरकार ने मुफ्त सिंचाई योजना के तहत 1300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। जल जीवन मिशन के तहत 4500 करोड़ और नलकूपों के पुनर्निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा, प्रदेश के जालौन जिले में 500 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित की जाएगी, जिससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और बिजली आपूर्ति में सुधार होगा।
तकनीक और शिक्षा पर खास फोकस
उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹8.08 लाख करोड़ का बजट पेश किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.8% अधिक है। इस बजट में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। खासतौर पर, प्रदेश में एआई सिटी की स्थापना का प्रस्ताव दिया गया है, जिससे उत्तर प्रदेश को तकनीकी नवाचारों और साइबर सुरक्षा अनुसंधान का हब बनाया जाएगा। इसके अलावा, विधानसभा को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए आधुनिक आईटी प्रणालियों का प्रावधान किया गया है।

शिक्षा और स्मार्ट क्लासरूम को बढ़ावा
सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को आगे बढ़ाने के लिए स्मार्ट क्लासरूम और आईसीटी लैब्स स्थापित करने की घोषणा की है। प्राथमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के साथ-साथ सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों को भी डिजिटल पुस्तकालयों और अत्याधुनिक शिक्षण उपकरणों से लैस किया जाएगा। इसके अलावा, छात्राओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए मेधावी छात्राओं को स्कूटी प्रदान करने की योजना लागू की गई है।
स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण में बड़े निवेश
प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए बलिया और बलरामपुर में स्वायत्त मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए बजट आवंटित किया गया है। इसके अलावा, अपराध नियंत्रण और न्याय प्रणाली को मजबूत करने के लिए अयोध्या, बस्ती, बांदा, आजमगढ़, मिर्जापुर और सहारनपुर में छह नई फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। वहीं, श्रमिकों के कल्याण के लिए जिला मुख्यालयों पर अत्याधुनिक श्रम केंद्रों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें पेयजल, स्नान और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।



