अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में जन्मजात नागरिकता को समाप्त करने का ऐलान किया है। दूसरी बार राष्ट्रपति बनते ही डोनाल्ड ट्रंप ने तेजी से कई फैसले लेने शुरू कर दिए हैं, जिनका असर पूरी दुनिया पर देखा जा सकता है, बता दें की, ग़ैर-क़ानूनी प्रवासियों को रोकने के लिए , ट्रंप ने जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता को भी खत्म करने का आदेश जारी किया है. अमेरिका के कानून के मुताबिक वहां जन्म लेने वाला हर व्यक्ति अमेरिकी नागरिक होता है ,पर अब ऐसा नहीं होगा।

अमेरिकी आव्रजन नीति में बड़ा बदलाव
अमेरिकी राजनीति में बड़ा भूचाल, डोनाल्ड ट्रम्प ने 150 साल पुराने जन्मजात नागरिकता कानून को खत्म करने की दिशा में बड़ा ऐलान किया है। इस फैसले के तहत अवैध प्रवासियों के बच्चों को अमेरिकी नागरिकता नहीं दी जाएगी। इसके अलावा थर्ड जेंडर की मान्यता पर भी सवाल उठाए गए हैं। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए ट्रम्प ने 15 बड़े ऐलान किए हैं, जो अमेरिका के भविष्य को नई दिशा देंगे। राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के तुरंत बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कई बड़े फैसले लिए हैं, उन्होंने बाइडन सरकार के 78 फैसलों को रद कर दिया।
ट्रंप का फैसला बना भारतीयों के लिए चिंता का विषय
ट्रंप के इस फैसले का, असर अमेरिका में मौजूद लाखों बच्चों की नागरिकता पर पड़ेगा , जिनका जन्म भले ही अमेरिका में हुआ है, लेकिन उनके माता-पिता वर्क वीजा नहीं हैं। क्योंकि हर साल हजारों की संख्या में अमेरिका में रहने वाले, भारतीयों को वहां की नागरिकता मिलती है। आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल ही करीब 50 हजार भारतीयों को अमेरिका की नागरिकता मिली है, पीछले कुछ सालों में वहां रहने वाले 48 लाख से ज्यादा भारतीय-अमेरिकी समुदाय के कई बच्चों को नागरिकता भी मिली है।
अमेरिका में बदलाव की नई हवा: ट्रम्प के 15 बड़े ऐलान, भविष्य की नई तस्वीर
अमेरिका में ‘बर्थ टूरिज्म’ एक बड़ा मुद्दा रहा है, जहां विदेशी नागरिक सिर्फ बच्चों को जन्म देने के उद्देश्य से आते थे, ताकि उन्हें जन्म के साथ अमेरिकी नागरिकता मिल सके। ट्रंप के नए आदेश के बाद यह प्रक्रिया खत्म हो जाएगी, और ऐसे बच्चों को अब नागरिकता नहीं मिलेगी। इसके अलावा, आईटी और इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए अमेरिका आने वाले भारतीय छात्रों के बच्चों को भी इस बदलाव के तहत नागरिकता का लाभ नहीं मिलेगा। यह कदम प्रवासी नागरिकता के मौजूदा ट्रेंड को रोकने में निर्णायक हो सकता है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने नागरिकता संबंधी एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी करने के बाद, इसे अमेरिकी अदालतों में चुनौती दी जा रही है। सिविल राइट्स ग्रुप्स का कहना है कि ,संवैधानिक संशोधन को एग्जीक्यूटिव ऑर्डर से नहीं बदला जा सकता, और अदालत को इसमें दखल देना चाहिए। हालांकि, जब तक अदालत कोई निर्णय नहीं लेती, ट्रंप का आदेश लागू रहेगा, जिसका प्रभाव वैश्विक स्तर पर देखा जा सकता है।
अमेरिका से 8,000 अवैध भारतीय प्रवासियों को वापस भेजने की योजना बनाई जा रही है। इस मुद्दे पर भारत और अमेरिका सहयोग के लिए तैयार हैं। अवैध प्रवास ट्रंप की प्रमुख चुनावी रणनीति का हिस्सा रहा है, जिसके तहत उन्होंने कार्यकारी आदेश जारी किए हैं। 2022 में अमेरिका के गृह विभाग ने इससे जुड़े आंकड़े जारी किए थे। हालांकि, इस प्रक्रिया की पूरी रूपरेखा अभी स्पष्ट नहीं है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में जीवाश्म ईंधन का उत्पादन बढ़ाने का ऐलान किया है, जिससे ऊर्जा की कीमतें कम हो सकती हैं। इसके साथ ही, वे कई अंतरराष्ट्रीय समझौतों से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं। उनके 15 बड़े ऐलानों में, अवैध प्रवासियों की एंट्री रोकना, जन्मजात नागरिकता कानून खत्म करना, थर्ड जेंडर की मान्यता समाप्त करना, ड्रग्स तस्करी पर सख्त सजा लागू करना, शरणार्थियों की संख्या सीमित करना, और ग्रीन एनर्जी की जगह पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना शामिल हैं। ये कदम अमेरिका को आत्मनिर्भर बनाने और “अमेरिका फर्स्ट” नीति को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाए जा रहे हैं।



