सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में बुधवार को एक महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। यह सुनवाई 2023 में दायर की गई एक जनहित याचिका के तहत हो रही है, जिसमें शिवसेना (उद्धव गुट) के विधायक आदित्य ठाकरे का नाम शामिल किया गया है। याचिका में सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की संदिग्ध मौत की गहन जांच की मांग की गई है। यह मामला पिछले चार वर्षों से रहस्यमयी बना हुआ है, और परिवार सहित लाखों प्रशंसकों को अभी भी न्याय का इंतजार है। हाईकोर्ट में होने वाली इस सुनवाई से एक बार फिर उम्मीदें जागी हैं कि शायद अब सच सामने आएगा और न्याय की प्रक्रिया तेज होगी।
हाईकोर्ट में जांच पर जोर
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद कई साजिशों और राजनीतिक संबंधों को लेकर सवाल उठे थे। इस मामले में उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत को भी संदिग्ध माना गया था, जिनकी मौत कुछ ही दिनों पहले हुई थी। याचिका में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि दिशा की मौत के पीछे भी किसी गहरी साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अदालत से सीबीआई को इस पूरे मामले में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश देने की मांग की गई है। यदि कोर्ट इस मामले को और गहराई से जांचने के लिए निर्देश देता है, तो यह सुशांत और दिशा दोनों की मौत के रहस्यों को उजागर करने में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
पिता केके सिंह की भावुक अपील – ‘सच सामने आना चाहिए’
तीन दिन पहले सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि उनकी मौत से कुछ दिन पहले ही सुशांत अपने घर आए थे और वे पूरी तरह सामान्य थे। उन्होंने कहा कि सुशांत कभी आत्महत्या नहीं कर सकते थे, और जो हकीकत है, वह अब सामने आनी चाहिए। उन्होंने कोर्ट से न्याय की उम्मीद जताते हुए कहा कि यह ऐसा घाव है, जो कभी भरा नहीं जा सकता, लेकिन यदि दोषियों का चेहरा सामने आता है, तो उन्हें कुछ राहत जरूर मिलेगी। परिवार के इस बयान के बाद एक बार फिर इस मामले ने तूल पकड़ लिया है, और पूरे देश की निगाहें हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं।

बॉलीवुड और राजनीति के तार? आदित्य ठाकरे का नाम याचिका में क्यों?
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में शुरू से ही बॉलीवुड और राजनीति से जुड़े बड़े नामों का जिक्र होता रहा है। इस केस में आदित्य ठाकरे का नाम याचिका में शामिल होने से राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। याचिका में आदित्य ठाकरे से पूछताछ और उनकी गिरफ्तारी की मांग की गई है। हालांकि, उन्होंने पहले ही इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था और इसे एक राजनीतिक साजिश बताया था। अब कोर्ट में होने वाली सुनवाई से यह तय होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी और क्या वास्तव में बॉलीवुड और राजनीति के बीच कोई गहरा कनेक्शन था।
सुशांत केस में नया मोड़: क्या जांच में आएगी तेजी?
इस केस में पहले भी कई जांच एजेंसियां शामिल रही हैं, लेकिन अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचा गया है। सीबीआई की रिपोर्ट में मौत का कारण आत्महत्या बताया गया था, लेकिन सुशांत के परिजन और प्रशंसक इसे मानने को तैयार नहीं हैं। हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई से यह स्पष्ट हो सकता है कि क्या जांच को दोबारा तेज किया जाएगा और क्या नए सबूतों के आधार पर मामले की गहराई से पड़ताल की जाएगी। अगर अदालत इस दिशा में कोई मजबूत फैसला लेती है, तो यह सुशांत सिंह राजपूत केस में एक नया मोड़ ला सकता है और देशभर में उनके प्रशंसकों को एक बार फिर न्याय की उम्मीद जगा सकता है।



