राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल को पेश करते हुए अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जोर देकर कहा कि यह बिल पूरी तरह से पारदर्शिता, जवाबदेही और सटीकता को सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संशोधित कानून में किसी गैर-मुस्लिम को मुस्लिम धार्मिक गतिविधियों में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। रिजिजू ने कहा कि यह बिल किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए नहीं, बल्कि गरीब मुसलमानों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसे विस्तृत चर्चा के बाद तैयार किया गया और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) द्वारा व्यापक समीक्षा के बाद आगे बढ़ाया गया।
कांग्रेस का विरोध, बीजेपी पर ध्रुवीकरण का आरोप
विपक्ष ने इस बिल का कड़ा विरोध किया, कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने इसे संविधान विरोधी बताते हुए कहा कि यह मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने की कोशिश है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस कानून के जरिए ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है, खासकर लोकसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत न मिलने के कारण। कांग्रेस ने यह भी कहा कि ‘वन नेशन, वन लॉ’ की बात करने वाली बीजेपी खुद भेदभाव कर रही है और धर्म के आधार पर कानून बना रही है। विपक्ष ने बिल को ‘मिसइन्फॉर्मेशन कैंपेन’ करार देते हुए आरोप लगाया कि सरकार समर्थित मीडिया इसे बढ़ावा दे रहा है।

लोकसभा में पास हुआ वक्फ संशोधन बिल, AIMIM ने जताया विरोध
बुधवार को लोकसभा में 12 घंटे लंबी चर्चा के बाद वक्फ संशोधन बिल को मंजूरी दे दी गई। देर रात 2 बजे हुई वोटिंग में 520 सांसदों ने हिस्सा लिया, जिसमें 288 ने बिल के पक्ष में और 232 ने विरोध में मतदान किया। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बिल को “यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट (UMMEED)” नाम दिया, जिससे वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार लाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, विपक्ष ने इसे मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बताते हुए तीखा विरोध किया। AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तो बिल की प्रति फाड़कर विरोध जताया और कहा कि यह कानून मुसलमानों को अपमानित करने के लिए लाया गया है।

खड़गे पर भ्रष्टाचार का आरोप, कांग्रेस ने मांगा सबूत
इस बिल पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर आरोप लगाया कि कर्नाटक में वक्फ संपत्तियों में भ्रष्टाचार हुआ है और इसमें खड़गे भी शामिल हैं। इस बयान के बाद विपक्ष के सांसदों ने सदन में जोरदार हंगामा किया। जवाब में खड़गे ने चुनौती दी कि अगर अनुराग ठाकुर उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य द्वारा वक्फ बोर्ड की 1 इंच भी जमीन पर कब्जे का प्रमाण पेश कर दें, तो वे राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। इस विवाद के चलते सदन में माहौल गर्मा गया और बिल को लेकर पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।



