प्रयागराज महाकुंभ में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है, लेकिन इस बार श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा किसी परीक्षा से कम नहीं रही। लाखों लोग घंटों से गाड़ियों में फंसे हुए हैं, बिना पानी और भोजन के। छोटे बच्चे भूख और थकान से रो रहे हैं, बुजुर्ग असहाय नजर आ रहे हैं, और महिलाएं बुनियादी सुविधाओं की तलाश में इधर-उधर भटक रही हैं। जिन लोगों ने महाकुंभ के दिव्य दर्शन की कल्पना की थी, वे अब इस भीषण जाम में फंसकर सिर्फ एक ही सवाल पूछ रहे हैं – यह कब खत्म होगा?
यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई
प्रशासन ने भी इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद नहीं की थी, जिसके कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। प्रयागराज में प्रवेश करने के सातों मुख्य मार्गों पर भीषण जाम लगा हुआ है। हाईवे से लेकर गलियों तक, हर जगह गाड़ियां रेंग रही हैं या पूरी तरह रुकी हुई हैं। लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी और अन्य शहरों से आने वाले श्रद्धालु मलाका के पास घंटों से रुके हुए हैं, जहां पार्किंग की व्यवस्था तो की गई थी, लेकिन वहां तक पहुंचना ही अब एक बड़ी चुनौती बन गया है।
300 किलोमीटर दूर से दी जा रही चेतावनी
स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि प्रशासन अब 300 किलोमीटर पहले से ही श्रद्धालुओं को प्रयागराज न आने की सलाह दे रहा है। कटनी, रीवा, सतना, और अन्य शहरों में पुलिस लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को रोकने की कोशिश कर रही है, ताकि स्थिति और न बिगड़े। लेकिन जो पहले ही रास्ते में हैं, उनके पास वापस जाने का भी कोई विकल्प नहीं है। अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन इस भीड़ को संभालने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगा, या श्रद्धालुओं को ऐसे ही जाम के झाम में जूझना पड़ेगा?
4 किलोमीटर का सफर, 6 घंटे की परेशानी
प्रयागराज में उमड़ी भीड़ के कारण यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। दिल्ली और कानपुर से आने वाले वाहनों को नेहरू पार्क के पास रोक दिया जा रहा है। श्रद्धालु घंटों गाड़ियों में बैठे रहने को मजबूर हैं। राजस्थान के डींग से आए मनोज जैन ने बताया कि पहले कानपुर में रोका गया, फिर प्रयागराज पहुंचने के बाद 4 किलोमीटर की दूरी तय करने में ही 6 घंटे लग गए। जब गाड़ी खड़ी करवाई गई, तो संगम पहुंचने के लिए 10-12 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।
रीवा-प्रयागराज मार्ग पर 50 किलोमीटर लंबा जाम
एमपी के रीवा से आने वाली सड़कें पूरी तरह जाम हैं। इस रूट पर करीब 20 किलोमीटर तक गाड़ियां रुकी हुई हैं, जिससे मुंबई और मध्य प्रदेश से आने वाले श्रद्धालु भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। हाईवे पर जगह-जगह गाड़ियां ठहरी हुई हैं, और लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से यातायात को सुचारू करने के कोई ठोस इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं।
श्रद्धालु-पुलिस के बीच झड़प
अचानक श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण पुलिस ने शहर में कई जगह बैरिकेड्स लगा दिए हैं। सिविल लाइंस से संगम जाने वाले मार्गों पर भी पुलिस तैनात कर दी गई है, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। लोगों को आगे बढ़ने नहीं दिया जा रहा, जिससे पुलिस और श्रद्धालुओं के बीच झड़प की स्थिति बन गई है। प्रशासन की व्यवस्था सवालों के घेरे में है, क्योंकि लाखों श्रद्धालु घंटों से परेशान हैं और स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।



