प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भुवनेश्वर में उत्कर्ष ओडिशा- मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव 2025 का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ओडिशा को भारत के अग्रणी निवेश गंतव्य और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। यह शिखर सम्मेलन राज्य को पूर्वोदय विजन के केंद्र के रूप में विकसित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री के इस दौरे से राज्य में निवेश के नए अवसर खुलने की उम्मीद है, जिससे ओडिशा के विकास को एक नई दिशा मिलेगी।

ओडिशा के विकास में एक नया अध्याय
उत्कर्ष ओडिशा- मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेव 2025 के जरिए ओडिशा सरकार निवेशकों को आकर्षित करने की कोशिश करेगी, जिससे राज्य में औद्योगिकीकरण और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन के बाद, यह सम्मेलन वैश्विक निवेशकों को ओडिशा में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इस समिट का उद्देश्य राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करना और ओडिशा को औद्योगिक दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाना है।
राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन
ओडिशा के दौरे के बाद, प्रधानमंत्री मोदी उत्तराखंड के देहरादून जाएंगे, जहां वे 38वें राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम शाम करीब 6 बजे होगा और खेलों के जरिए राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का उद्देश्य है। पीएम मोदी के इस दौरे से न केवल ओडिशा बल्कि उत्तराखंड में भी विकास और खेलों के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
मेक इन ओडिशा प्रदर्शनी और सम्मेलन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओडिशा में मेक इन ओडिशा प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे, जिसमें राज्य की औद्योगिक प्रगति और जीवंत औद्योगिक इकोसिस्टम को प्रदर्शित किया जाएगा। इस प्रदर्शनी में ओडिशा की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला जाएगा, जो राज्य को उद्योग जगत में एक प्रमुख स्थान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही, 28 से 29 जनवरी तक आयोजित होने वाला दो दिवसीय सम्मेलन उद्योग जगत के लीडर्स, निवेशकों और नीति निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा, जहां वे गोलमेज बैठकें, क्षेत्रीय सत्र और बी2बी बैठकें आयोजित करेंगे।

उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन
ओडिशा के दौरे के बाद, प्रधानमंत्री मोदी उत्तराखंड के देहरादून जाएंगे, जहां वे 38वें राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर हो रहा है और इसमें 36 राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश हिस्सा लेंगे। 28 जनवरी से 14 फरवरी तक चलने वाले इस खेल महाकुंभ में 35 खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें योग और मल्लखंब को पहली बार राष्ट्रीय खेलों में शामिल किया गया है। यह आयोजन देशभर से 10,000 से अधिक एथलीटों को एक साथ लाएगा।
राष्ट्रीय खेलों में “ग्रीन गेम्स” और पर्यावरण की पहल
इस वर्ष के राष्ट्रीय खेलों का विशेष विषय “ग्रीन गेम्स” (हरित खेल) है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। आयोजन स्थल पर स्पोर्ट्स फॉरेस्ट नामक एक विशेष पार्क का निर्माण किया जाएगा, जहां एथलीटों और मेहमानों द्वारा 10,000 से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। इस पहल के तहत, एथलीटों को दिए जाने वाले पदक और प्रमाणपत्र पर्यावरण के अनुकूल और बायोडिग्रेडेबल सामग्रियों से बनाए जाएंगे, जिससे खेलों के पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके।



