काशी तमिल संगमम के आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यवस्थाओं का विशेष रूप से गुणगान किया। उन्होंने कहा कि आज भारत को जोड़ने का कार्य हो रहा है, जो कभी आदिगुरु शंकराचार्य ने किया था। उन्होंने पीएम मोदी को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के विजन को साकार करने वाला नेता बताया।
तीसरी बार काशी तमिल संगमम का भव्य शुभारंभ
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं, जिनके नेतृत्व में लगातार तीसरी बार काशी तमिल संगमम का शुभारंभ बाबा विश्वनाथ की पावन धरती पर हो रहा है। उन्होंने इसे ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के विजन को आगे बढ़ाने वाला महायज्ञ बताया।
महाकुंभ के साथ संगमम का विशेष महत्व
योगी आदित्यनाथ ने इस वर्ष के काशी तमिल संगमम को और अधिक महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस समय प्रयागराज में दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन महाकुंभ चल रहा है। काशी तमिल संगमम उसी पावन क्षण का हिस्सा बनकर देश को पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक जोड़ रहा है।
नमो घाट से भव्य शुभारंभ हुआ आयोजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण व संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के साथ नमो घाट पर बटन दबाकर काशी तमिल संगमम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक एकता और परंपरा के संरक्षण के प्रयासों की सराहना की।

महाकुंभ और सांस्कृतिक धरोहरों का संगम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी तमिल संगमम के दौरान महाकुंभ का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि काशी देश की सबसे पुरानी नगरी है और इस बार संगमम के साथ सभी को वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या की संस्कृति से जुड़ने का सौभाग्य मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह दुनिया का पहला ऐसा महासंगम है, जिसमें अब तक 51 करोड़ लोग हिस्सा ले चुके हैं।
महर्षि अगस्त्य को समर्पित है काशी तमिल संगमम
सीएम योगी ने काशी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को रेखांकित करते हुए कहा कि काशी प्राचीन काल से ही ज्ञान की राजधानी रही है। तमिलनाडु के प्राचीन ग्रंथों में काशी का विशेष उल्लेख मिलता है। उन्होंने बताया कि इस बार काशी तमिल संगमम् महर्षि अगस्त्य को समर्पित है। नए भारत की परिकल्पना को आगे बढ़ाते हुए इस आयोजन की थीम महर्षि अगस्त्य के आदर्शों पर आधारित रखी गई है।
रामायण से जुड़े महर्षि अगस्त्य का स्मरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामायण काल में महर्षि अगस्त्य की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि माता सीता की खोज और राम-रावण युद्ध में ‘आदित्य स्तोत्र’ देने वाले महर्षि अगस्त्य ही थे। इस संगमम के माध्यम से सभी को उनकी विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु से आए मेहमानों को प्रयागराज में 144 वर्ष बाद लगे महाकुंभ और अयोध्या में 500 वर्ष बाद बने भव्य रामलला मंदिर के दर्शन भी कराए जाएंगे।



