प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई। स्नान से पहले उन्होंने जेटी पर खड़े होकर मां गंगा को प्रणाम किया और आचमन किया। संगम में स्नान करने के बाद पीएम मोदी ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मां गंगा की पूजा-अर्चना की। उनके गले और हाथ में रुद्राक्ष की माला थी, जो उनकी आध्यात्मिक आस्था को दर्शाती है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, संगम क्षेत्र में हाई अलर्ट
पीएम मोदी के आगमन को लेकर संगम क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। अरैल क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती गई, जहां पांच सेक्टर मजिस्ट्रेटों को तैनात किया गया था। अर्धसैनिक बलों और पुलिस की भारी तैनाती के बीच पीएम मोदी ने श्रद्धा पूर्वक गंगा पूजन किया। उनके इस आध्यात्मिक कार्यक्रम को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों में खासा उत्साह देखा गया।
हनुमान मंदिर और अक्षय वट के दर्शन नहीं कर सके पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी के संगम स्नान के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनकी एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़े। सुरक्षा और समय की पाबंदियों के कारण वे हनुमान मंदिर और अक्षय वट के दर्शन किए बिना ही वापस लौट गए। हालांकि, उनका यह दौरा संगम नगरी के लिए ऐतिहासिक बन गया, जहां उन्होंने सनातन परंपरा के अनुसार मां गंगा की पूजा की।

महाकुंभ की तैयारी का संदेश, सनातन संस्कृति का दिव्य अनुभव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा न सिर्फ उनकी आध्यात्मिक आस्था को दर्शाता है, बल्कि आगामी महाकुंभ 2025 की तैयारियों को भी बल देता है। उनकी उपस्थिति से संगम नगरी में एक विशेष ऊर्जा का संचार हुआ। पीएम मोदी ने अपने अनुभव को साझा करते हुए इसे सनातन संस्कृति की दिव्यता से जुड़ा बताया और मां गंगा से देश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की।



