प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिकी दौरे के दौरान उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भारतीय और अमेरिकी एजेंसियां साझा तौर पर संभालती हैं। प्रधानमंत्री के साथ विशेष सुरक्षा समूह (SPG) के 100 से 150 कमांडो तैनात रहते हैं। वहीं, अमेरिका में उनकी सुरक्षा की मुख्य जिम्मेदारी अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के पास होती है। दोनों एजेंसियां मिलकर सुरक्षा का ब्लूप्रिंट तैयार करती हैं।
सुरक्षा की तैयारी पहले से शुरू होती है
प्रधानमंत्री की यात्रा से पहले भारतीय एजेंसियां जैसे RAW (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) और IB (इंटेलिजेंस ब्यूरो) अमेरिका पहुंचकर संभावित स्थानों की सुरक्षा का मुआयना करती हैं। वे होटल, सभा स्थल और अन्य सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा जांच करती हैं। हालांकि, अमेरिका जैसे देश में भारतीय एजेंसियों को सीमित एक्सेस मिलता है और उन्हें अमेरिकी एजेंसियों के साथ समन्वय में काम करना पड़ता है।
काफिले और बुलेटप्रूफ कारों की विशेष व्यवस्था
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले में बुलेटप्रूफ गाड़ियां शामिल होती हैं। आमतौर पर उनकी सवारी ‘द बीस्ट’ जैसी सुरक्षा से लैस कारों में होती है, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति भी इस्तेमाल करते हैं। काफिले में एस्कॉर्ट गाड़ियां और अमेरिकी पुलिस की गाड़ियां भी शामिल होती हैं। ट्रैफिक को पूरी तरह से रोककर वीवीआईपी मूवमेंट सुनिश्चित किया जाता है।
हवाई सुरक्षा और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
अमेरिका में प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए आसमान से लेकर जमीन तक कड़ी निगरानी रखी जाती है। ड्रोन, स्नाइपर्स और आधुनिक सीसीटीवी कैमरों की मदद से हर गतिविधि पर नजर रखी जाती है। हवाई क्षेत्र में नो-फ्लाई ज़ोन घोषित किया जाता है और सभा स्थल के आसपास सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की जाती है।

प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में RAW और IB की भूमिका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेशी यात्राओं के दौरान भारतीय खुफिया एजेंसियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। Research and Analysis Wing (RAW) संभावित खतरों का आकलन करती है और अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के साथ मिलकर प्री-इंटेलिजेंस रिपोर्ट तैयार करती है। खासतौर पर पाकिस्तानी आतंकी संगठनों या अन्य विरोधी गुटों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। वहीं, Intelligence Bureau (IB) अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों और भारतीय दूतावास के साथ समन्वय स्थापित करती है। आईबी स्थानीय प्रदर्शन, भारतीय समुदाय और अन्य संभावित खतरों पर कड़ी नजर रखती है।
सुरक्षा के लिए हाई-टेक उपकरणों का इस्तेमाल
प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। कई बार उनकी बुलेटप्रूफ कार, जैसे BMW 7-Series 760Li Security Edition, भारत से ही भेजी जाती है। सैटेलाइट कम्युनिकेशन और सुरक्षित रेडियो फ्रीक्वेंसी के माध्यम से सुरक्षा एजेंसियां लगातार संपर्क में रहती हैं। इसके अलावा, ड्रोन निगरानी, जैमर और अन्य उच्च तकनीकी सुरक्षा उपकरणों का उपयोग किया जाता है, ताकि किसी भी खतरे का समय रहते पता लगाया जा सके।
अमेरिकी एयरपोर्ट पर एयर इंडिया वन की सुरक्षा
प्रधानमंत्री का विमान, जिसे आमतौर पर एयर इंडिया वन कहा जाता है, अमेरिकी एयरपोर्ट पर कड़ी सुरक्षा के घेरे में रखा जाता है। विमान जिस एयरपोर्ट पर खड़ा होता है, वहां भारतीय वायुसेना के विशेष अधिकारी तैनात रहते हैं। वाशिंगटन डीसी के ज्वाइंट बेस एंड्रयूज जैसे उच्च सुरक्षा वाले सैन्य एयरबेस पर विमान को पार्क किया जाता है। प्रधानमंत्री के विमान के रूट को गोपनीय रखा जाता है और अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम के साथ मिलकर सुरक्षा का पूरा समन्वय किया जाता है।



