मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में स्थित जेके सीमेंट फैक्ट्री में गुरुवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। निर्माणाधीन हिस्से में छत की स्लैब डाली जा रही थी, तभी अचानक शटरिंग और स्लैब गिर गई। इस दौरान वहां बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से कई इस दुर्घटना की चपेट में आ गए। हादसे में 4 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। जैसे ही हादसे की सूचना मिली, प्रशासन हरकत में आया और एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
मजदूरों की सलामती को लेकर फैली अफवाहें
हादसे के बाद सोशल मीडिया पर मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। पूरे दिन सोशल मीडिया पर कई अपुष्ट खबरें वायरल होती रहीं, जिनमें मृतकों की संख्या दर्जनभर से ज्यादा बताई जा रही थी और 50 से अधिक मजदूरों के घायल होने की बात सामने आई। इन सनसनीखेज खबरों ने पन्ना से लेकर राजधानी भोपाल तक हड़कंप मचा दिया। हृदयविदारक हादसे के वीडियो और तस्वीरें वायरल होने से लोग गहरे सदमे में आ गए।

परिजनों का आक्रोश, फैक्ट्री के बाहर हंगामा
दुर्घटना की खबर मिलते ही फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों के परिजन मौके पर पहुंच गए और अपनों की सलामती की जानकारी लेने के लिए बेचैन दिखे। हादसे के बाद प्रशासन की ओर से देरी से आई आधिकारिक पुष्टि से परिजनों का आक्रोश बढ़ गया। आक्रोशित लोगों ने फैक्ट्री के बाहर हंगामा शुरू कर दिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को मौके पर तैनात करना पड़ा। अब हादसे की जांच के आदेश दिए गए हैं और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
तेजी से गिरी स्लैब, संभलने का मौका तक नहीं मिला
हरदुआ केन गांव में स्थित जेके सीमेंट प्लांट की दूसरी यूनिट का निर्माण कार्य प्रगति पर था, जब यह दर्दनाक हादसा हुआ। सुबह करीब 10 बजे सातवीं मंजिल पर छत डालने का काम चल रहा था, तभी अचानक स्लैब का एक बड़ा हिस्सा शटरिंग समेत भरभराकर नीचे गिर गया। हादसा इतना तेज और अप्रत्याशित था कि मचान पर काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कुछ मजदूर शटरिंग के साथ नीचे गिरकर सरियों में फंस गए, तो कुछ भारी भरकम मलबे और स्लैब के नीचे दब गए।
अफरा-तफरी और सोशल मीडिया पर मचा हड़कंप
हादसे के तुरंत बाद प्लांट के अंदर अफरा-तफरी मच गई, चारों ओर चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया। मजदूरों के साथ काम करने वाले साथी उनकी मदद के लिए दौड़ पड़े, लेकिन स्थिति इतनी भयावह थी कि तत्काल राहत कार्य शुरू करना मुश्किल हो गया। इस बीच, हादसे के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं, जिससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया। अपुष्ट खबरों और अफवाहों के कारण लोग हादसे की भयावहता को लेकर चिंतित हो गए, और मृतकों व घायलों की संख्या को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही।

रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी SDRF और पुलिस
हादसे के तुरंत बाद सुरक्षा कारणों से जेके सीमेंट प्लांट में बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह रोक दिया गया। राहत और बचाव कार्य के लिए पन्ना, कटनी, दमोह और छतरपुर से SDRF टीमों को बुलाया गया। पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। क्रेन की मदद से सातवीं मंजिल तक पहुंचकर सरिया में फंसे मजदूरों के शव निकाले गए और घायलों को बाहर लाया गया।
श्रमिकों का आक्रोश, फैक्ट्री गेट पर हंगामा
भीषण हादसे में अपने साथियों की दर्दनाक मौत से फैक्ट्री के ठेका श्रमिक आक्रोशित हो उठे। स्थिति को बिगड़ते देख फैक्ट्री प्रबंधन ने कई श्रमिकों और कर्मचारियों को परिसर से बाहर निकाल दिया। इसी बीच, एंबुलेंस को गेट के अंदर जाने से रोक दिया गया, जिससे घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाई। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप से एंबुलेंस को इंट्री दी गई। मौके पर पहुंचे पवई विधायक प्रहलाद लोधी और उच्च अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया।



