पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने आर्मी चीफ मुनीर संग 3 दिन में दूसरी बार ट्रम्प से मुलाकात की, लेकिन उन्हें 30 मिनट इंतजार करना पड़ा।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने गुरुवार देर रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से व्हाइट हाउस में मुलाकात की। यह बैठक बंद कमरे में हुई, जहां मीडिया को एंट्री नहीं दी गई। पाकिस्तान पीएमओ के अनुसार, इस दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी मौजूद रहे। हालांकि किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। यह मुलाकात खास इसलिए रही क्योंकि किसी पाकिस्तानी पीएम की अमेरिकी राष्ट्रपति से 6 साल बाद मुलाकात हुई है।
ट्रम्प ने कराया आधे घंटे का इंतजार
सूत्रों के मुताबिक, शहबाज शरीफ रात करीब 2:30 बजे व्हाइट हाउस पहुंचे थे, लेकिन ट्रम्प उस समय कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर और पत्रकारों से बातचीत में व्यस्त थे। इस वजह से मुलाकात करीब 30 मिनट की देरी से शुरू हुई। बाद में दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बातचीत चली। बैठक से पहले ट्रम्प ने मीडिया से कहा कि व्हाइट हाउस में एक “महान नेता” आ रहे हैं। रात 3:48 बजे शहबाज व्हाइट हाउस से रवाना हुए।
भारत–अमेरिका रिश्तों पर असर
ट्रम्प और शहबाज शरीफ की मुलाकात भारत के लिए कूटनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है। अमेरिका और पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकी से भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव गहराने की आशंका है। खासकर तब, जब ट्रम्प ने भारत पर ऊंचे टैरिफ और वीजा नियमों में सख्ती की है। वहीं, ट्रम्प द्वारा भारत-पाकिस्तान सीजफायर कराने का दावा नई दिल्ली कई बार खारिज कर चुकी है, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में पहले से ही खटास है।
पाकिस्तान–अमेरिका में बढ़ती गर्मजोशी
दूसरी ओर, पाकिस्तान ने ट्रम्प की मध्यस्थता की कोशिशों की सराहना की है और उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भी नॉमिनेट किया है। हाल ही में अमेरिका और पाकिस्तान के बीच व्यापार समझौता हुआ, जिसके तहत वॉशिंगटन पाकिस्तान के अब ए तेल भंडारों के विकास में मदद करेगा। इन बढ़ते सहयोगों से यह संकेत मिलता है कि ट्रम्प प्रशासन पाकिस्तान के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करना चाहता है, जो भारत के लिए चिंता का विषय बन सकता है।


