भारत ने बलूचिस्तान में ट्रेन हाईजैक के पीछे भारत का हाथ होने के पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि ये आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए भारत पर झूठे आरोप लगाने का प्रयास कर रहा है। जायसवाल ने दो टूक कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि आतंकवाद का असली केंद्र कहां है।
‘अपनी नाकामी छुपाने का प्रयास कर रहा पाकिस्तान’
रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान अपनी अंदरूनी असफलताओं के लिए दूसरों को दोषी ठहराने की आदत से बाज नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को चाहिए कि वह अपनी आंतरिक समस्याओं का समाधान करने पर ध्यान दे, न कि भारत पर झूठे आरोप लगाकर ध्यान भटकाने का प्रयास करे। भारत ने साफ किया कि आतंकवाद का गढ़ कौन है, यह दुनिया के सामने पहले से ही स्पष्ट है।
बलूच लिबरेशन आर्मी का बड़ा खुलासा
बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तान के दावों को खारिज करते हुए कहा कि हाईजैक की गई ट्रेन छुड़ाने का दावा झूठा है। BLA ने बताया कि बलूचिस्तान के सिबि इलाके में अब भी संघर्ष जारी है, और इस लड़ाई में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान हुआ है। संगठन ने कहा कि पाकिस्तान अपनी हार छुपाने के लिए झूठे बयान दे रहा है, ताकि दुनिया का ध्यान उनकी नाकामी से हटाया जा सके।

बलूच आर्मी ने पाकिस्तानी सेना के दावे को बताया झूठा
बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तानी सेना के ट्रेन हाईजैक संकट खत्म होने के दावे को खारिज कर दिया है। BLA ने कहा कि यदि पाक सेना ने सच में सभी बंधकों को छुड़ा लिया है, तो वे उनकी तस्वीरें क्यों जारी नहीं कर रही है। BLA ने दावा किया कि उन्होंने युद्ध नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को पहले ही रिहा कर दिया था, जिसे अब पाकिस्तानी सरकार अपनी सफलता के रूप में प्रचारित कर रही है।
पाकिस्तानी सेना और सरकार के दावों पर उठे सवाल
पाकिस्तानी सेना ने दावा किया था कि उन्होंने ऑपरेशन के दौरान 33 बलूच लड़ाकों को मार गिराया और सभी बंधकों को सुरक्षित रिहा करा लिया। हालांकि, BLA ने इन दावों को झूठा बताते हुए कहा कि अब भी सिबी इलाके में संघर्ष जारी है और पाक सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इसके अलावा, अफगान सरकार ने भी पाकिस्तान के उस दावे को नकार दिया जिसमें कहा गया था कि हाईजैक के दौरान लड़ाके अफगानिस्तान में मौजूद अपने सरगनाओं के संपर्क में थे। इस घटनाक्रम ने पाकिस्तान के बयानों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



