अमेरिका से जबरन डिपोर्ट किए गए भारतीय नागरिकों के मुद्दे पर आज संसद में जबरदस्त हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार पर चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए विदेश नीति की विफलता करार दिया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों में इस मुद्दे पर तीखी बहस हुई, जिसके कारण कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर दोपहर 2 बजे राज्यसभा में इस पर विस्तृत बयान देंगे, जिससे स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। विपक्ष ने मांग की है कि सरकार अमेरिका से इस मामले पर कड़ी आपत्ति जताए और प्रभावित भारतीयों के अधिकारों की रक्षा करे।
राज्यसभा में पीएम मोदी का संबोधन और सरकार की तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर अपना जवाब देंगे। इससे पहले लोकसभा में उन्होंने विपक्ष पर तीखे प्रहार किए थे और सरकार की नीतियों का बचाव किया था। राज्यसभा में भी उनकी प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां वे बजट सत्र में उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष को जवाब देंगे। वहीं, लोकसभा में आज नया आयकर विधेयक और वक्फ बिल पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट पेश होने की संभावना है।

भारतीयों के डिपोर्टेशन पर संसद में हंगामा
अमेरिका से 100 से ज्यादा भारतीयों को डिपोर्ट किए जाने के मुद्दे पर संसद में भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए लोकसभा के बाहर प्रदर्शन किया। कई सांसद हथकड़ी पहने नजर आए और “बेड़ियों में हिंदुस्तान, नहीं सहेंगे यह अपमान” जैसे पोस्टर लहराए। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष की चिंता को स्वीकारते हुए कहा कि यह विदेश नीति से जुड़ा मुद्दा है और सरकार इस पर उचित प्रतिक्रिया देगी। इस हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
विदेश मंत्री जयशंकर दोपहर 2 बजे देंगे जवाब
विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज राज्यसभा में भारतीयों के डिपोर्टेशन के मुद्दे पर जवाब देंगे। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका में भारतीय नागरिकों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, जो मानवाधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी। इस बीच, विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार इस मामले को लेकर अमेरिकी प्रशासन से बातचीत कर रही है और जल्द ही इस पर आधिकारिक बयान दिया जाएगा।



