मध्य प्रदेश सरकार ने धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने और समाज में सुधार के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐलान किया कि प्रदेश के 17 धार्मिक नगरों में पूरी तरह शराबबंदी लागू होगी। यह फैसला नशाखोरी की समस्या कम करने और इन स्थलों की शांति व संस्कृति को बचाने के लिए लिया गया है। नरसिंहपुर के गोटेगांव में मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब से परिवार टूटते हैं और समाज में बुराइयां बढ़ती हैं।
इसके लिए सरकार ने इन जगहों पर देशी और विदेशी सभी प्रकार की शराब की बिक्री पर रोक लगाने का संकल्प लिया है। महेश्वर में होने वाली मंत्रिमंडल बैठक में इसे औपचारिक रूप से मंजूरी दी जाएगी, जिससे धार्मिक नगरों में शराबबंदी का यह ऐतिहासिक निर्णय लागू हो सके।

सीएम का बड़ा कदम प्रखर – अब नशा नहीं, सिर्फ पूजा का असर
सरकार ने प्रदेश के धार्मिक स्थलों की पवित्रता और सामाजिक सुधार को ध्यान में रखते हुए ,एक बड़ा निर्णय लिया है। सीएम ने राज्य के 17 धार्मिक नगरों में पूर्ण शराबबंदी लागू करने के आदेश दिए। उन्होंने नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में कहा कि ,इन नगरों में न देशी शराब मिलेगी, न विदेशी। यह कदम राज्य में नशामुक्ति अभियान को गति देने और धार्मिक स्थलों की गरिमा को बनाए रखने की दिशा में हैं।
सरकार इस फैसले को आगामी बजट सत्र में प्रस्तावित करेगी और इसके लिए आबकारी नीति में आवश्यक संशोधन किया जाएगा। नई व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू होगी, जिससे वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही धार्मिक नगरों में शराबबंदी सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री ने इसे सरकार के संकल्प और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का हिस्सा बताया। ये फैसला सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा।

ये हैं वो शहर और स्थान……
- चित्रकूट
- सलकनपुर (देवी मंदिर)
- ओरछा (रामराजा सरकार मंदिर)
- ओंकारेश्वर
- उज्जैन (महाकालेश्वर मंदिर)
- अमरकंटक (नर्मदा उद्गम स्थल)
- मंडला (नर्मदा के प्रसिद्ध घाट)
- महेश्वर (कई प्राचीन मंदिर)
- मुलताई (ताप्ती उद्गम स्थल
- मैहर (मां शारदा का प्रसिद्ध मंदिर)
- दतिया (पीतांबरा माता मंदिर)
- जबलपुर
- नलखेड़ा (मां बगुलामुखी मंदिर)
- मंदसौर (भगवान पशुपतिनाथ मंदिर)
- बरमान घाट और मंडेलश्वर (नर्मदा के प्रसिद्ध घाट)
- पन्ना (जुगलकिशोर भगवान का प्राचीन मंदिर)
- भोजपुर (महादेव का प्राचीन मंदिर)
एमपी में लंबे समय से चली आ रही शराबबंदी की मांग को दिशा दिखाने के लिए ,मुख्यमंत्री ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने घोषणा की है कि, प्रदेश के 17 धार्मिक नगरों में पूर्ण शराबबंदी लागू की जाएगी। यह फैसला पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के शुरू किए गए ,आंदोलन की मांगों को भी पूरा करता है, जो लंबे समय से प्रदेश में नशामुक्ति के लिए प्रयासरत हैं।
नरसिंहपुर के गोटेगांव में राष्ट्रीय प्रो कबड्डी टूर्नामेंट के शुभारंभ के अवसर पर ,मुख्यमंत्री ने अपने इस फैसले को दोहराते हुए स्पष्ट किया कि, इन नगरों में न देशी शराब मिलेगी, न विदेशी। धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने और समाज को नशे की बुराइयों से मुक्त करने की दिशा में यह पहल ऐतिहासिक और प्रशंसनीय है।



