भोपाल में होने वाली मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक में नई लोक परिवहन नीति को लेकर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। इस नीति के तहत राज्य में यात्री बसों के नए रूट तय किए जाएंगे, जिससे इंदौर-उज्जैन सहित अन्य प्रमुख शहरों में परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। सरकार इस नीति के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक और सुलभ बनाने की योजना पर विचार कर रही है। बैठक में परिवहन प्रणाली के आधुनिकीकरण, नए परमिट सिस्टम और किराया नियंत्रण जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 को मिल सकती है हरी झंडी
इस बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) 2.0 पर भी बड़ा फैसला हो सकता है। इस योजना के तहत कामकाजी महिलाओं, श्रमिकों, शहरी प्रवासियों, बेघर लोगों और छात्रों के लिए सस्ते किराए के आवास उपलब्ध कराए जाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। खास बात यह है कि इस बार अफोर्डेबल हाउसिंग श्रेणी में निजी बिल्डरों और डेवलपर्स को भी शामिल किया जा सकता है, जिससे अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके। सरकार का लक्ष्य है कि सभी जरूरतमंदों को सस्ते और सुरक्षित आवास मिलें, जिससे वे अपने कामकाज को सुचारू रूप से जारी रख सकें।
एनीमेशन और वन पुनर्स्थापना नीति को भी मिल सकती है मंजूरी
मंत्रिमंडल की बैठक में मप्र स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की नई एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग (एवीजीसी-एक्सआर) नीति 2025 पर भी चर्चा होगी। इस नीति से डिजिटल उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकेंगे। इसके अलावा, वन विभाग की वन पुनर्स्थापना नीति-2025 को भी मंजूरी मिलने की संभावना है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को बल मिलेगा। इस नीति के तहत वन क्षेत्र के विकास और हरियाली बढ़ाने की दिशा में नए कदम उठाए जाएंगे।

नई लोक परिवहन नीति से इंदौर-उज्जैन संभाग को मिलेगा बेहतर कनेक्टिविटी
मध्य प्रदेश सरकार 19 वर्षों से बंद पड़ी लोक परिवहन सेवा को पुनः शुरू करने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रही है। इंदौर-उज्जैन संभाग में नए बस रूट्स पर काम तेजी से हो रहा है, और सर्वेक्षण प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सरकार इस नई नीति के माध्यम से उन इलाकों में सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था करने की योजना बना रही है, जहां इसकी सर्वाधिक आवश्यकता है। साथ ही, निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल जैसी समस्याओं का समाधान निकालने के लिए भी इस नीति में प्रावधान जोड़े जा रहे हैं, जिससे परिवहन व्यवस्था बाधित न हो।
पुराने रूट्स का होगा ऑडिट, एक ऑपरेटर की पकड़ होगी खत्म
राज्य सरकार अब उन रूट्स का ऑडिट कराने जा रही है, जहां लोक परिवहन की सेवा सीमित रही है या एक ही ऑपरेटर का वर्चस्व बना हुआ है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लाभदायक मार्गों पर एकाधिकार न रहे और अधिकतम लोगों को परिवहन सुविधा मिले। सरकार “एक रूट, एक ऑपरेटर” की व्यवस्था को खत्म करने के लिए नए नियम लागू कर सकती है, ताकि अधिक प्रतिस्पर्धा आए और यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलें। ऑडिट प्रक्रिया पूरी होने के बाद सार्वजनिक बसों की संख्या बढ़ाने और नए ऑपरेटरों को शामिल करने की रणनीति अपनाई जाएगी।
सिर्फ एक स्टेट होल्डिंग कंपनी का रहेगा नियंत्रण
लोक परिवहन के नए ढांचे को लेकर सरकार में कई दौर की चर्चा हो चुकी है। पहले यह तय किया गया था कि सात संभागीय कंपनियां बनाई जाएंगी और उनके ऊपर एक स्टेट-लेवल होल्डिंग कंपनी होगी। लेकिन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस प्रस्ताव में बदलाव करते हुए केवल एक स्टेट होल्डिंग कंपनी के पक्ष में सहमति जताई है। सरकार अब भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में पहले से मौजूद शहरी बस सेवा कंपनियों का विस्तार करने पर जोर दे रही है, ताकि लोक परिवहन प्रणाली अधिक संगठित और प्रभावी बनाई जा सके।



