मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए असीम संभावनाओं का प्रदेश है। उन्होंने उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि जो भी निवेशक यहां उद्योग स्थापित करेगा, वह सदैव लाभ में रहेगा। राज्य सरकार ने नई निवेश नीति बनाई है, जो देश में सबसे बेहतरीन है। निवेशकों को उद्योग लगाने की पूरी स्वतंत्रता दी जा रही है, ताकि वे मनचाहे तरीके से कारोबार बढ़ा सकें और मुनाफा कमा सकें।
1100+ औद्योगिक इकाइयों को मिला ₹450 करोड़ का प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) सहित 1100 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को ₹450 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सरकार हरसंभव सहयोग दे रही है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में औद्योगिक क्रांति लाना है, जिससे न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था सशक्त होगी, बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
भोपाल में होगी ऐतिहासिक ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट
मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से आग्रह किया कि वे 24-25 फरवरी को भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में बढ़-चढ़कर भाग लें और इसकी मेजबानी करें। यह समिट निवेशकों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा, जहां देश-विदेश के उद्यमी और कारोबारी हिस्सा लेंगे। सरकार इस आयोजन को निवेशकों के लिए यादगार बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, ताकि मध्यप्रदेश एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में उभरे।

पुराने उद्योगों को भी मिलेगा समर्थन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी घोषणा की कि राज्य में नए उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ पुराने उद्योगों को भी जरूरी सहयोग दिया जाएगा। यदि किसी उद्योग को विद्युत आपूर्ति की आवश्यकता होगी, तो सरकार नवकरणीय ऊर्जा के माध्यम से उनकी मदद करेगी। MSME सेक्टर में मध्यप्रदेश पहले से ही देश में सातवें स्थान पर है और सरकार इसे और आगे ले जाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
महिला उद्यमियों को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि नई निवेश नीति के तहत महिला उद्यमियों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त छूट दी जाएगी। इसके अलावा, सरकार मल्टी स्टोरी इंडस्ट्रियल परिसर विकसित करने और इंडस्ट्रियल एरिया में आवासीय सुविधाओं को अनुमति देने की योजना बना रही है। उद्योग ऋण पर ब्याज में भी सरकार राहत देगी, जिससे निवेशकों को अपना कारोबार स्थापित करने और विस्तार करने में सहूलियत मिलेगी। इस नीति से महिला उद्यमिता को नया आयाम मिलेगा और प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को और अधिक मजबूती मिलेगी।
औद्योगिक विकास में निवेशकों की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों और निवेशकों से सीधे संवाद करते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार औद्योगिक विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) को ऐतिहासिक अवसर बताते हुए उन्होंने सभी निवेशकों से इसमें भाग लेने और इसे सफल बनाने का आग्रह किया। प्रमुख सचिव औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि इस समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे और इसी मंच से मध्यप्रदेश की नई औद्योगिक एवं निवेश नीतियों को डिजिटली लॉन्च किया जाएगा।
भोपाल को वैश्विक पहचान देने की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश किसी भी राज्य की समृद्धि का महत्वपूर्ण आधार होता है। प्रदेश सरकार ने उद्योगों को अधिक से अधिक सहयोग देने के लिए विभिन्न योजनाएं बनाई हैं। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि सरकार उद्योगों को माल भाड़े पर 50 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही है, जिससे प्रदेश के उत्पादों को देशभर में आसानी से पहुंचाया जा सके। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘भोपाल एक साथ टीम’ द्वारा तैयार की गई कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया और टीम की सराहना की।



