मध्यप्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने 2500 करोड़ रुपये की लागत से पुल और सड़क निर्माण की योजना प्रस्तुत की है। हाल ही में पेश किए गए अनुपूरक बजट में इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने विधानसभा में बताया कि यह निवेश राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे यातायात सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इस बजट के माध्यम से सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षित, मजबूत और आधुनिक परिवहन सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।

मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र से पहले वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 19206 करोड़ 79 लाख 529 रुपए का अनुपूरक बजट पेश किया। इस बजट में महिलाओं, किसानों और युवाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। साथ ही, प्रदेश भर में सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए 2500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को बढ़ावा
प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सरकार ने कई बड़े प्रावधान किए हैं। बड़े पुलों के निर्माण के लिए विशेष केंद्रीय सहायता के तहत 400 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गई है। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को 50 करोड़ रुपए और ग्रामीण सड़कों तथा अन्य मार्गों के निर्माण और मरम्मत के लिए 200 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 805 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

महिला, किसान और युवा हित को प्राथमिकता
अनुपूरक बजट में समाज के विभिन्न वर्गों का ध्यान रखा गया है। अनुसूचित जाति के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। किसानों के लिए जमीन मुआवजा देने के लिए 500 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। वहीं, महिलाओं के कल्याण और युवाओं के विकास के लिए भी कई योजनाओं को आर्थिक सहयोग दिया गया है।
बड़ी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण बजट आवंटन
इस बजट में औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन योजना के लिए 726 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। अटल गृह ज्योति योजना के लिए 622.4484 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। एमएसएमई के लिए 1075.80 करोड़, खाद्य विभाग के लिए 2000 करोड़ और संबल योजना के लिए 366 करोड़ रुपए की राशि निर्धारित की गई है। इसके अलावा, कई अन्य योजनाओं को भी इस अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है।



