मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 में भोपाल की बदलती छवि पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भोपाल अब अपने अतीत के काले अध्याय को पीछे छोड़कर एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। दशकों तक गैस त्रासदी की छवि के साथ जुड़ा रहने वाला भोपाल अब निवेश और उद्योग के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। यह समिट न केवल राज्य के आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि भोपाल को वैश्विक मंच पर एक सकारात्मक पहचान भी दिलाएगी।
फ्रेंडली इकोसिस्टम से बढ़ेगा निवेश
सीएम मोहन यादव ने इस बात पर जोर दिया कि मध्य प्रदेश निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार लगातार नई नीतियों पर काम कर रही है, जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिले और प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ें। पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 18 नई निवेश प्रोत्साहन नीतियों की शुरुआत इस दिशा में एक बड़ा कदम है। इन नीतियों का उद्देश्य निवेशकों के लिए एक सरल, पारदर्शी और लाभकारी वातावरण तैयार करना है, जिससे राज्य में विदेशी और घरेलू निवेश को नई ऊंचाइयां मिलें।
सनातन संस्कृति से प्रेरित विकास यात्रा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि मध्य प्रदेश की विकास यात्रा उसकी प्राचीन सनातन संस्कृति से प्रेरित है। जब आशाओं की रोशनी फैलाई जाती है, तो हर घर और हर उद्योग रोशन होता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए मध्य प्रदेश पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह समिट सिर्फ एक आर्थिक पहल नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के सामाजिक और सांस्कृतिक उत्थान की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे प्रदेश हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

मध्य प्रदेश: दोगुनी अर्थव्यवस्था का संकल्प
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य की आर्थिक दृष्टि को साझा करते हुए कहा कि सरकार अगले पांच वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दोगुना करने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ मंत्र को आधार बनाकर, मध्य प्रदेश सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। निवेशकों को आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए राज्य में नई नीतियां लागू की जा रही हैं, जिससे प्रदेश राष्ट्रीय आर्थिक ग्रोथ में अपनी भूमिका को और मजबूत करेगा।
उद्योग और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे
मध्य प्रदेश सरकार ने 2025 को “उद्योग एवं रोजगार वर्ष” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है, जिससे प्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिलेगा और नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। राज्य में 13 नए औद्योगिक पार्क बनकर तैयार हो रहे हैं, जबकि 20 और औद्योगिक पार्कों की आधारशिला रखी जाएगी। इसके अलावा, सरकार सेमीकंडक्टर पार्क और नवीन आईटी पार्क स्थापित करने की योजना पर कार्य कर रही है। सिंगल विंडो सिस्टम और जन विश्वास अधिनियम जैसे सुधारों से निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जा रहा है, जिससे उद्योगपतियों और निवेशकों को मध्य प्रदेश में व्यापार करने में सहूलियत मिलेगी।
समावेशी विकास की दिशा में चार प्रमुख मिशन
प्रदेश सरकार ने गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं को केंद्र में रखते हुए चार प्रमुख मिशन शुरू किए हैं। इन मिशनों के माध्यम से नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान दिया जा रहा है और विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह मिशन केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का भी आधार हैं। इन योजनाओं के जरिए प्रदेश का हर वर्ग सशक्त होगा और मध्य प्रदेश, विकसित भारत के निर्माण में अपनी निर्णायक भूमिका निभाएगा।



