उज्जैन में सीएम मोहन यादव ने बहनों संग राखी मनाते हुए कहा—बहनों का आशीर्वाद मेरी सफलता की ताकत, सशक्तिकरण से समाज को नई पहचान मिलती है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को उज्जैन के क्षिप्रा विहार स्थित नर्मदा वाटिका और शिवांजलि गार्डन में बहनों के साथ रक्षाबंधन मनाया और राखी बंधवाई। उन्होंने बताया कि पिछले 20 वर्षों से बहनों से राखी बंधवाने की परंपरा निभा रहे हैं। सीएम ने कहा—”महाकाल की कृपा और लाखों बहनों के आशीर्वाद से ही मैं इस मुकाम पर हूं। बहनों के सशक्तिकरण और सम्मान से समाज में नई पहचान बनी है।”
आशीर्वाद से विकास और खुशहाली
सीएम ने कहा कि जिस घर में माता-बहनें होती हैं, वहां ईश्वर का आशीर्वाद भी रहता है और घर आनंदमय होकर धन-धान्य से भरपूर होता है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी का उदाहरण देते हुए बहन-भाई के संबंध की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि बहनों के आशीर्वाद से प्रदेश और उज्जैन दोनों में निरंतर विकास हो रहा है। नागझिरी और इंदौर रोड पर कपड़ा उद्योग खुलने से बहनों को रोजगार भी मिला है।
रक्षाबंधन पर परंपरा और सम्मान का संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के शिवांजलि गार्डन में रक्षाबंधन पर्व मनाया और बहनों से राखी बंधवाई। उन्होंने बताया कि विधायक और मंत्री रहते हुए भी गांवों और शहर के वार्डों में राखी बंधवाने की परंपरा निभाई है और आज मुख्यमंत्री रहते हुए भी इसे प्रदेश के कई जिलों में जारी रखा है। लाड़ली बहना योजना के तहत 1250 रुपए के साथ रक्षाबंधन पर 250 रुपए नेग स्वरूप बहनों के खातों में भिजवाए गए। इस मौके पर पार्षद निर्मला परमार, सुगनबाई बाघेला समेत कई बहनों ने उन्हें प्रतीकात्मक बड़ी राखी भेंट की, जबकि ब्रह्मकुमारी आश्रम की मंजू दीदी और उषा दीदी ने भी राखी बांधी। कार्यक्रम में कन्या-पूजन, झूला-झुलाना और बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका सम्मान किया गया।
विकास और बहनों के सशक्तिकरण का संकल्प
सीएम ने कहा कि बहनों का आशीर्वाद कभी खाली नहीं जाता और इसी आशीर्वाद से प्रदेश व उज्जैन का विकास हो रहा है। उन्होंने सिंहस्थ 2028 में आने वाले यात्रियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं देने, 29 किमी नए घाट बनाने और औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार की घोषणा की। वर्तमान में उज्जैन के कारखानों में 20 हजार लोग काम कर रहे हैं, जिसे बढ़ाकर 1 लाख रोजगार तक ले जाने का लक्ष्य है। रेडीमेड कपड़ों का विदेशों में निर्यात, बहनों के लिए रोजगार प्रशिक्षण, पक्के मकान और उद्योगों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने बहनों से 15 अगस्त को घर-घर तिरंगा फहराने की अपील की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अमन-शांति और विकास की नई इबारत लिख रहा है।


