महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने के कारण मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर भीषण जाम लग गया है। रीवा के चाकघाट बॉर्डर पर करीब 10,000 गाड़ियां फंसी हुई हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, सतना और कटनी में भी कई स्थानों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन की ओर से जाम को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन सड़कों पर लगातार भीड़ बढ़ रही है।
सीएम मोहन यादव की अपील – कुछ दिनों तक न करें यात्रा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने महाकुंभ में उमड़ी भीड़ और जाम की गंभीरता को देखते हुए श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे एक-दो दिनों तक इन मार्गों से यात्रा करने से बचें। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के रेवांचल क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। सीएम ने यह भी आश्वासन दिया कि प्रशासनिक टीम जाम में फंसे लोगों की हरसंभव मदद कर रही है और स्थिति को सामान्य करने के प्रयास कर रही है।
प्रशासन द्वारा किए जा रहे राहत प्रयास
मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन की टीमें सड़क पर फंसे लोगों को सहायता पहुंचाने में जुटी हुई हैं। पुलिस और परिवहन विभाग लगातार ट्रैफिक को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि जल्द से जल्द स्थिति सामान्य हो सके। यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की जा रही है। श्रद्धालुओं को भी सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक रूप से ट्रैफिक जाम का हिस्सा न बनें।

महाकुंभ के लिए एमपी सरकार के विशेष इंतजाम
प्रयागराज में लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार भी सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उत्तर प्रदेश से सटे मध्यप्रदेश के चार जिलों के अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई और पूरे हालात की समीक्षा की। इस बैठक में विशेष रूप से जाम की समस्या, यात्री सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं पर चर्चा की गई। संभावना जताई जा रही है कि एमपी सरकार जल्द ही श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम करने जा रही है ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।
यूपी बॉर्डर पर वाहनों की रोक, एमपी में दबाव बढ़ा
महाकुंभ में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उत्तर प्रदेश प्रशासन ने बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों को सीमावर्ती इलाकों में रोकना शुरू कर दिया है। इसका सीधा असर मध्यप्रदेश के रीवा, सतना, सिंगरौली और कटनी जैसे जिलों पर पड़ा है, जहां हजारों गाड़ियां फंसी हुई हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए एमपी प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सीएम मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे यातायात सुचारु करने के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार करें और लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी और चिकित्सा की व्यवस्था
सीएम मोहन यादव ने श्रद्धालुओं की परेशानी को देखते हुए एमपी बीजेपी कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया है कि वे भोजन, पानी, चिकित्सा और विश्राम की समुचित व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन भी इस कार्य में पूरा सहयोग करेगा ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। तीर्थयात्रियों की सेवा में लगे संगठनों को भी मुख्यमंत्री ने धन्यवाद दिया और कहा कि इस सेवा कार्य को और प्रभावी बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा।



