कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के भारत पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद साबित हुए हैं। ट्रूडो ने दावा किया था कि खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंसियों की भूमिका थी, लेकिन अब कनाडा की विदेशी हस्तक्षेप कमेटी की रिपोर्ट ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि निज्जर की हत्या में भारत का कोई हाथ नहीं है और किसी भी विदेशी ताकत की संलिप्तता के कोई सबूत नहीं मिले हैं। यह खुलासा ट्रूडो सरकार की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है, जिसने बिना ठोस प्रमाण के भारत पर गंभीर आरोप लगाए थे।

फर्जी नैरेटिव से हुआ कनाडा की छवि को नुकसान
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से गलत सूचनाएं फैलाई गईं, जिससे सच्चाई को पहचानना मुश्किल हो गया। यह भ्रामक प्रचार न केवल कनाडा की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला था बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता था। सितंबर 2023 में खुद कनाडा सरकार ने इस एजेंसी को रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा था, जिसका उद्देश्य यह पता लगाना था कि 2019 और 2021 के चुनावों में किसी बाहरी देश ने हस्तक्षेप किया या नहीं। अब जब रिपोर्ट ने ट्रूडो के दावों को झूठा साबित कर दिया है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि कनाडा सरकार अपने रुख में कोई बदलाव करती है या नहीं।
मैरी जोसी हॉग आयोग की रिपोर्ट से ट्रूडो के झूठ का पर्दाफाश
कनाडा के निवर्तमान प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा भारत पर लगाए गए आरोपों की सच्चाई आखिरकार सामने आ गई है। ट्रूडो लगातार खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत को दोषी ठहराते रहे, लेकिन अब मैरी जोसी हॉग आयोग की रिपोर्ट ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंसियों की कोई संलिप्तता नहीं है और इसके समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। यह खुलासा न केवल ट्रूडो की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है बल्कि उनके भारत विरोधी रुख को भी उजागर करता है।

जांच रिपोर्ट में मिली झूठी सूचनाओं के प्रसार की पुष्टि
मैरी जोसी हॉग आयोग ने अपनी रिपोर्ट में इस बात की भी पुष्टि की है कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर गलत और भ्रामक सूचनाएं फैलाई गई थीं। यह साफ है कि इस पूरे मामले का इस्तेमाल एक विशेष एजेंडे के तहत किया गया था, जिससे कनाडा और भारत के संबंधों में तनाव पैदा हो। रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह की अफवाहें और झूठे दावे न केवल कनाडा की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि वैश्विक कूटनीतिक संबंधों को भी प्रभावित करते हैं।
भारत-कनाडा संबंधों में तनाव का कारण बने ट्रूडो के आरोप
नवंबर 2023 में, जस्टिन ट्रूडो ने कनाडा की संसद में दावा किया था कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय राजनयिकों की भूमिका है और उनके पास इससे जुड़े सबूत भी हैं। इसके बाद भारत और कनाडा के बीच राजनयिक संबंधों में भारी तनाव आ गया था। भारत ने कनाडा के नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को भी अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कई बार सार्वजनिक मंचों से ट्रूडो सरकार पर खालिस्तानी समर्थकों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था। अब, जब इस रिपोर्ट ने भारत को क्लीन चिट दे दी है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि कनाडा सरकार अपने रुख में बदलाव करती है या नहीं।


