दिल्ली अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समिति के प्रमुख यशपाल मलिक ने प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि बीजेपी सरकार ने कई बार जाट समाज को आरक्षण देने का वादा किया, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने घोषणा की कि 5 फरवरी को होने वाले चुनाव में जाट समाज के सभी लोग भाजपा को वोट न देने की अपील करेंगे।
केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
यशपाल मलिक ने बताया कि जाट समाज को मार्च 2014 में केंद्रीय स्तर पर ओबीसी आरक्षण मिला था, लेकिन 15 मार्च 2015 को सर्वोच्च न्यायालय ने इसे रद्द कर दिया। इसके बाद 26 मार्च 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जाट नेताओं को बुलाकर केंद्रीय आरक्षण बहाल करने का आश्वासन दिया था। बावजूद इसके, केंद्र सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इससे समाज में गहरी नाराजगी है और भाजपा के खिलाफ विरोध बढ़ता जा रहा है।

भाजपा की बैठकों और वादों पर सवाल, आरक्षण कब मिलेगा?
यशपाल मलिक ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी 2017, 2019 और 2022 में चुनावों से पहले जाट नेताओं से बैठक कर आरक्षण देने का भरोसा दिलाया था। हरियाणा में जाट आंदोलन के दौरान केस वापस लेने और प्रदेश स्तर पर आरक्षण देने की बात भी कही गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। जाट समाज अब बीजेपी से जवाब मांग रहा है और चुनाव में इसका असर साफ नजर आ सकता है।

लंबित पड़ा जाट आरक्षण का मुद्दा
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का पुनर्गठन 2018 में हुआ, लेकिन जाट समाज द्वारा आयोग में प्रस्तुत किया गया आरक्षण का प्रतिवेदन जनवरी 2020 से अब तक लंबित पड़ा है। यशपाल मलिक ने सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जाट समाज के साथ बार-बार वादाखिलाफी की जा रही है। जाट समाज केवल आरक्षण ही नहीं, बल्कि अन्य मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांग रहा है, जिनमें किसान आंदोलन के दौरान किए गए वादों को पूरा न करना और महिला पहलवानों के साथ हुए अन्याय भी शामिल हैं। इन तमाम कारणों से जाट समाज में गहरी नाराजगी है।
दिल्ली में सघन जनजागरण अभियान
यशपाल मलिक ने प्रेसवार्ता में घोषणा की कि जाट आरक्षण संघर्ष समिति आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए हर विधानसभा क्षेत्र में सघन जनजागरण अभियान चलाएगी। इसके लिए क्षेत्रवार वालंटियर्स को जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है, जो जाट समाज के लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे और बीजेपी के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे। प्रेसवार्ता के दौरान संघर्ष समिति के मुख्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।



