छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के श्री सीमेंट फैक्ट्री से जहरीली गैस के रिसाव से,एक बड़ा हादसा हो गया। ये गैस पास के शासकीय हाई स्कूल, खपराडीह तक फैल गई, जिससे पढ़ाई कर रहे 25 से अधिक छात्र-छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को चक्कर आने, बेहोशी और उल्टी जैसी समस्याओं के चलते तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के लिए कुछ बच्चों को समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुहेला भेजा गया, जबकि गंभीर हालत में कुछ बच्चों को जिला अस्पताल और अन्य को सिमगा व भाटापारा रेफर किया गया। घटना की सूचना मिलने पर कलेक्टर दीपक सोनी ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों की हालत का जायजा लिया। यह घटना स्थानीय प्रशासन और उद्योगों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करती है।

खतरनाक गैस का साया: क्या हैं पूरी खबर…
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार के श्री सीमेंट फैक्ट्री से हुए, जहरीली गैस के रिसाव ने खपराडीह शासकीय स्कूल के बच्चों पर गंभीर असर डाला। इस हादसे में 40 बच्चों को उल्टी और बेहोशी जैसी शिकायतें हुईं, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। 30 से 35 बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जबकि गंभीर रूप से बीमार बच्चों को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने सीमेंट संयंत्र के पास इकट्ठा होकर प्रदूषण फैलाने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने संयंत्र से निकलने वाले प्रदूषण और गैस को बच्चों की तबीयत बिगड़ने की वजह बताया। संयंत्र को बंद करने की मांग करते हुए ,सैकड़ों ग्रामीणों ने गेट के सामने नारेबाजी की और अपनी नाराजगी जाहिर की।
प्रशासन ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
स्कूल की शिक्षिका प्रिया रवानी ने बताया कि, इस जहरीली गैस के प्रभाव से बच्चों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी, और कई बच्चों को उल्टी व पेट दर्द की शिकायत हुई। हालत बिगड़ने पर 35 बच्चों को तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया। गंभीर स्थिति में कुछ बच्चों को सुहेला, भाटापारा और बलौदाबाजार के बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया।बता दें कि श्री सीमेंट संयंत्र स्कूल से मात्र डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर है, और संयंत्र से निकलने वाली गैस पहले भी चिंता का कारण बन चुकी है। इस घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। प्रशासन ने जांच के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है, लेकिन यह हादसा पर्यावरण सुरक्षा और बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
कलेक्टर ने संयंत्र को सील किया
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया। कलेक्टर दीपक सोनी ने तुरंत श्री सीमेंट संयंत्र के अल्टरनेट फ्यूल रिसोर्स (एएफआर) सेंटर के प्रमुख से पूछताछ की और सुरक्षा प्रबंधन के निर्देश दिए। जांच के दौरान गड़बड़ी पाए जाने पर कलेक्टर ने संयंत्र को सील करने का सख्त कदम उठाया। रायपुर से पर्यावरण संरक्षण मंडल और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर एएफआर की ,साथ ही वायु प्रदूषण के स्तर की निगरानी शुरू कर दी गई है।
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि ,बच्चों की पढ़ाई के लिए , वैकल्पिक व्यवस्था तुरंत की जाए। कलेक्टर दीपक सोनी और पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने घटनास्थल का दौरा कर बच्चों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का जायजा लिया।
कलेक्टर ने कहा कि, रायपुर से विशेषज्ञों और हाइजीन लैब की टीम जल्द ही घटनास्थल पहुंचकर गैस लीक और प्रदूषण के कारणों की जांच करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरी घटना की गहराई से जांच की जाएगी और रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यदि यह साबित हुआ कि संयंत्र से हुए प्रदूषण के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ी है, तो प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा।



