अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आदेश पर अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आई है। रोजाना लगभग 1200 अवैध प्रवासियों को गिरफ्तार किया जा रहा है, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। ट्रम्प प्रशासन ने फेडरल जेलों और डिटेंशन सेंटरों को पूरी तरह से भर दिया है, जिससे अब अवैध प्रवासियों को जेलों में ठूंसने की स्थिति बन गई है।
फेडरल जेलों में अवैध प्रवासियों की स्थिति विकट
लॉस एंजिलिस, मियामी, अटलांटा, और कैंसस सहित 9 फेडरल जेलों में अवैध प्रवासियों को खूंखार अपराधियों के साथ रखा जा रहा है। इन जेलों की हालत खस्ता हो गई है, और सिविल लिबर्टी यूनियन ने इसे “भयावह” करार दिया है। कैदियों को समय पर खाना नहीं मिल रहा, और ठंडे फर्श पर सोने की मजबूरी हो रही है, जिससे उनकी स्थिति और भी खराब हो गई है।

लोकल पुलिस को अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश
ट्रम्प प्रशासन ने लोकल पुलिस को भी अवैध प्रवासियों की पहचान कर पकड़ने के आदेश दिए हैं। इसके तहत एक पुलिस टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो अब सड़क से भी अवैध प्रवासियों को गिरफ्तार कर सकती है। यह कदम 25 साल बाद उठाया गया है, जब लोकल पुलिस को इमिग्रेशन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रिपब्लिकन शासित राज्यों में पहले यह ट्रेनिंग शुरू की गई है, और डेमोक्रेटिक राज्यों में भी इसे अनिवार्य किया जाएगा।
गंभीर हालात में अवैध प्रवासी
अमेरिकी सिविल लिबर्टी यूनियन ने बताया कि अवैध प्रवासियों को जेलों में बुरी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें ठंडे फर्श पर सोने के लिए मजबूर किया जा रहा है, और खाने का हाल भी बहुत बुरा है। अक्सर खाना बासी और बदबूदार होता है, जिससे इनकी स्थिति और भी गंभीर हो गई है। इन हालात के बावजूद, ट्रम्प प्रशासन ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की योजना को जारी रखा है।
अवैध अप्रवासियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई: जेलों में भयावह हालात
अमेरिका में अवैध प्रवासियों की धरपकड़ के लिए ट्रम्प प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू की है। 25 वर्षों के बाद, लोकल पुलिस को भी इस जिम्मेदारी सौंपी गई है, और उन्हें ट्रेनिंग देने का काम रिपब्लिकन शासित राज्यों में पहले ही शुरू कर दिया गया है। डेमोक्रेटिक राज्यों में भी यह ट्रेनिंग अनिवार्य की जाएगी। इस कार्रवाई के बावजूद, अवैध प्रवासियों के लिए जेलों की स्थिति बेहद भयावह है। अमेरिकी सिविल लिबर्टी यूनियन के अनुसार, उन्हें समय पर खाना नहीं मिल रहा है और जो खाना दिया जा रहा है, वह बासी और बदबूदार है। ठंडे फर्श पर सोने की मजबूरी हो रही है और जेल की सबसे बदहाल कोशिकाओं में उन्हें ठूंसा जा रहा है। दिन भर में केवल आधे घंटे के लिए ही इन्हें सेल से बाहर निकाला जाता है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।



