उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पर्यावरण प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि प्रतिकूल वातावरण मनुष्य द्वारा बनाया गया है, तो इसे अनुकूल बनाने की जिम्मेदारी भी मनुष्य की ही होगी। मुख्यमंत्री ने यह बात 2,850 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहे भारत के पहले ‘बायो-पॉलिमर प्लांट’ के शिलान्यास समारोह में कही। उन्होंने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरों पर भी चर्चा की।
खराब मौसम और ग्लोबल वार्मिंग का गहरा संबंध
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया आज ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के खतरों से जूझ रही है। प्रदूषण और बढ़ते तापमान के कारण मौसम असंतुलित हो गया है, जिसके परिणामस्वरूप अनियमित बारिश, अत्यधिक गर्मी और सर्दी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित बनाएंगे, तो हमें एक बेहतर और अनुकूल वातावरण मिलेगा।
बायो-पॉलिमर प्लांट: पर्यावरण के लिए बड़ा कदम
लखीमपुर में बनने वाले भारत के पहले ‘बायो-पॉलिमर प्लांट’ को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्लांट पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल होगी। यह प्लांट जैविक तरीके से पॉलिमर उत्पादन करेगा, जिससे प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। इस परियोजना से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।

पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता जरूरी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब तक हम पर्यावरण के प्रति जागरूक नहीं होंगे, तब तक प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग की समस्या बनी रहेगी। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अधिक से अधिक पेड़ लगाएं, प्लास्टिक का उपयोग कम करें और ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों को अपनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है, जिसमें हरित ऊर्जा और कचरा प्रबंधन प्रमुख हैं।
भविष्य के लिए सतर्कता आवश्यक
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि यदि हम अभी से पर्यावरण को बचाने के लिए प्रयास नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका दुष्परिणाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज को मिलकर ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिससे जलवायु परिवर्तन के खतरों को कम किया जा सके। पर्यावरण संरक्षण न केवल सरकार की जिम्मेदारी है, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य भी है।



