मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2023 में पदभार संभाला और तब से राज्य के विकास को नई दिशा देने में जुटे हैं। उनका राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से शुरू हुआ, जहां वे बचपन से ही एक समर्पित स्वयंसेवक रहे। भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने तीन बार उज्जैन दक्षिण विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। 2023 में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद जब उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया, तो यह एक चौंकाने वाला फैसला माना गया। लेकिन उनकी संगठनात्मक क्षमता और जमीनी पकड़ ने इस निर्णय को सही साबित किया।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट पर सीएम मोहन का फोकस
मुख्यमंत्री मोहन यादव वर्तमान में 24-25 फरवरी को भोपाल में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों में जुटे हैं। इस समिट का उद्देश्य मध्य प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देना और उद्योगों को आकर्षित करना है। कृषि प्रधान राज्य होने के बावजूद एमपी में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं, और सीएम मोहन इस दिशा में ठोस कदम उठा रहे हैं। उनकी कोशिश है कि देश-विदेश के बड़े उद्योगपति मध्य प्रदेश में निवेश करें, जिससे युवाओं को रोजगार मिले और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो।
कांग्रेस पर हमला, बीजेपी की नीतियों का गुणगान
सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी गलत नीतियों के कारण राज्य पिछड़ा हुआ था। बीजेपी सरकार के नेतृत्व में मध्य प्रदेश तेजी से विकास कर रहा है। 2023 के चुनाव में कांग्रेस को करारी शिकस्त देने के बाद बीजेपी ने राज्य में स्थिर और प्रभावी सरकार बनाई है। उन्होंने साफ कहा कि जो नेता कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आना चाहते हैं, उनके लिए पार्टी के दरवाजे खुले हैं। सीएम मोहन का स्पष्ट संदेश है कि मध्य प्रदेश अब विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां औद्योगिकीकरण और बेहतर नीतियों के जरिए राज्य को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

औद्योगीकरण और रोजगार पर सीएम मोहन का विजन
मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश तेजी से औद्योगिकीकरण की दिशा में बढ़ रहा है। उनके शासनकाल में निवेश को आकर्षित करने, उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वे शिक्षा क्षेत्र में सुधार और युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए भी प्रयासरत हैं। साथ ही, सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर वे लगातार योजनाएं बना रहे हैं, जिससे राज्य में पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास भी होगा। उनका मानना है कि एमपी को सिर्फ कृषि प्रधान राज्य तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि इसे एक औद्योगिक हब के रूप में विकसित करना आवश्यक है।
इन्वेस्टर्स समिट से आर्थिक ग्रोथ को रफ्तार
मध्य प्रदेश में बीते दो दशकों से इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री मोहन यादव इसे और प्रभावी बनाने पर जोर दे रहे हैं। उनका कहना है कि राज्य की अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ है और एमपी अब औद्योगिक मानचित्र पर अपनी जगह बना रहा है। हालांकि, वे यह भी मानते हैं कि औद्योगिक विकास के बिना संपूर्ण आर्थिक विकास संभव नहीं है। उनकी सरकार निवेशकों को बेहतर सुविधाएं देने और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाने पर काम कर रही है, जिससे प्रदेश की जीडीपी में योगदान और अधिक बढ़े।
कांग्रेस पर सीएम मोहन का तीखा हमला
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का पतन जारी है और इसी वजह से उसके नेता बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि जो भी कांग्रेस छोड़कर बीजेपी की विचारधारा को अपनाना चाहता है, उसका स्वागत है। उनका मानना है कि कांग्रेस की नीतियों के कारण राज्य पिछड़ा हुआ था, लेकिन बीजेपी की सरकार आने के बाद विकास कार्यों को नई दिशा मिली है। वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि मध्य प्रदेश आत्मनिर्भर बने और औद्योगिक दृष्टि से अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल हो।



