
फ्रांसीसी दिग्गज गेल मोनफिल्स ने ऑकलैंड ओपन टेनिस टूर्नामेंट जीतकर इतिहास रच दिया है। 38 साल 4 महीने के फ्रांसीसी खिलाड़ी मोनफिल्स ने ऑकलैंड क्लासिक फाइनल में बेल्जियम के जिजू बर्ग्स को 6-3, 6-4 से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा किया। उन्होंने इस मुकाबले में शुरू से ही बर्ग्स पर अपना दबाव बनाए रखा और उन्हें दोनों सेट में आसानी से हराया। बर्ग्स इस मुकाबले की शुरूआत में पहले गेम में 30 पॉइंट्स जीतने तक ही उनसे आगे रहे, लेकिन उसके बाद मोनफिल्स उन पर लगातार हावी रहे और उन्होंने इस मुकाबले में पहला गेम भी जीता। फ्रांसीसी खिलाड़ी ने ऑकलैंड क्लासिक फाइनल मुकाबले में आक्रामक शॉट-मेकिंग और शानदार डिफेंस का शानदार मिश्रण दिखाया और पहली बार कोई एटीपी फाइनल खेल रहे बर्ग्स को हराया। मोनफिल्स ने टेनिस के प्रति उनके अटूट जुनून के बारे में चर्चा करते हुए कहा था, “मुझे टेनिस बहुत पसंद है। मैं जो कर रहा हूं, उससे मुझे प्यार है, इसलिए सभी त्याग आसान हैं। मेरे अंदर अभी भी टेनिस खेलने का जुनून है, मुझे अभी भी लगता है कि मैं बहुत अच्छी गेंद मारता हूं।” अपनी उपलब्धियों के बारे में उन्होंने कहा, “उम्र एक संख्या है, लेकिन मैं काम करना जारी रखता हूं।”
आपको बता दें कि गेल मोनफिल्स ने अपनी पहली ट्रॉफी जीतने के 20 साल बाद करियर का 13वां खिताब जीता। इस जीत के साथ ही गेल मोनफिल्स 1990 में एटीपी टूर बनने के बाद सबसे उम्रदराज सिंगल्स चैम्पियन बन गए हैं। उन्होंने स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर का छह साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2019 में 38 साल 2 महीने की उम्र में बासेल खिताब जीता था। ऑकलैंड में खिताबी जीत हासिल करने के बाद मोनफिल्स एटीपी रैंकिंग में 41वें स्थान पर आ गए हैं। गेल मोनफिल्स 2005 से खेल रहे हैं और अब वह आत्मविश्वास के साथ ऑस्ट्रेलियन ओपन 2025 खेलने के लिए मेलबर्न का दौरा करने जा रहे हैं। इस टूर्नामेंट के पहले राउंड में गेल मोनफिल्स उनके हमवतन युवा खिलाड़ी जियोवानी एमपेटशी पेरीकार्ड से भिड़ेंगे। आपको बता दें कि इससे पहले पंचो गोंजालेज ने 1972 में जमैका में किंग्स्टन में जब खिताब जीता था तो उनकी उम्र 44 वर्ष, 7 महीने और 4 दिन थी। वहीं केन रोसवॉल 1977 में 43 साल की उम्र में हांगकांग में चैंपियन बने थे।


