चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी और उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों पर स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। आयोग ने कहा कि अब तक भाजपा कार्यकर्ताओं के हमले को लेकर कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं हुई है। चुनाव आयोग के अनुसार, अगर किसी राजनीतिक दल से आधिकारिक शिकायत मिलती है, तो नियमानुसार जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाती है। इसके साथ ही नई दिल्ली सहित सभी निर्वाचन क्षेत्रों में पर्यवेक्षक पहले ही तैनात किए जा चुके हैं।
केजरीवाल की मांगें
अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखे पत्र में कई अहम मांगें रखी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को प्रचार करने से रोका जा रहा है और उन पर हमले हो रहे हैं। केजरीवाल ने चुनाव आयोग से मांग की है कि इस विधानसभा क्षेत्र में स्वतंत्र चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएं और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, उन्होंने हमलों के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के निलंबन और भाजपा कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की मांग भी की है।
आप और भाजपा के बीच बढ़ता टकराव
आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया पर भाजपा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। आप का कहना है कि भाजपा कार्यकर्ता न केवल उनके पार्टी वॉलंटियर्स पर हमले कर रहे हैं, बल्कि पत्रकारों को भी निशाना बना रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि भाजपा हिंसा के जरिए चुनाव जीतना चाहती है, लेकिन दिल्ली के पढ़े-लिखे मतदाता इस साजिश को समझते हैं। आम आदमी पार्टी ने जनता से अपील की है कि वे भाजपा को जवाब देने के लिए आगामी चुनाव में ‘झाड़ू’ का बटन दबाएं और लोकतंत्र को मजबूत करें।

चुनाव आयोग की सफाई
मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि उनके द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर अब तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं हुई है। आयोग ने कहा कि चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ी सभी शिकायतों की जांच कानूनी प्रक्रियाओं और ईसीआई के नियमों के तहत की जाती है। यदि किसी राजनीतिक दल से लिखित शिकायत प्राप्त होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र में तैनात टीमें
सीईओ कार्यालय ने यह भी जानकारी दी कि नई दिल्ली सहित सभी निर्वाचन क्षेत्रों में स्वतंत्र पर्यवेक्षक पहले ही तैनात किए जा चुके हैं। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए दिल्ली में 642 फ्लाइंग स्क्वायड टीम (FST) और 633 स्टैटिक सर्विलांस टीम (SST) तैनात की गई हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, 7 जनवरी से अब तक 115 शिकायतों पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई की गई है, जिससे यह साबित होता है कि प्रशासन मुस्तैदी से काम कर रहा है।



