कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर लोकसभा चुनाव 2024 में धांधली के आरोप दोहराते हुए कहा कि उनके पास इसके सबूत मौजूद हैं। संवैधानिक सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने चुनाव प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और 80 से ज्यादा सीटों पर गड़बड़ी की आशंका जताई। राहुल ने चुनाव आयोग पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए दावा किया कि 6.5 लाख मतदाताओं में से 1.5 लाख फर्जी थे।

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर लोकसभा चुनाव 2024 में धांधली का आरोप दोहराया है। 2 अगस्त को ‘संवैधानिक चुनौतियां – परिप्रक्ष्य और रास्ते’ सम्मेलन में उन्होंने कहा कि भारत में चुनाव प्रणाली की “पहले ही मौत हो चुकी है” और उनके पास इस धांधली के पुख्ता सबूत हैं। राहुल ने दावा किया कि 80 से ज्यादा सीटों पर चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई।
कम बहुमत से पीएम बने
राहुल गांधी ने कहा कि वर्तमान प्रधानमंत्री बहुत कम बहुमत के साथ पद पर हैं, और यदि केवल 15 सीटों का अंतर होता तो शायद वे प्रधानमंत्री नहीं बन पाते। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले दिनों में यह साबित कर देंगे कि कैसे चुनावों में गड़बड़ी हुई। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए, खासकर मतदाता सूची में 1.5 लाख फर्जी वोटरों को लेकर।
कांग्रेस की छह महीने की जांच
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव 2024 में हुई कथित धांधली के अपने आरोपों को दोहराते हुए बताया कि पार्टी ने छह महीने की गहन जांच की है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग का अस्तित्व ही समाप्त हो चुका है और वह संविधान की रक्षा करने वाली संस्था नहीं रह गई है। राहुल ने कहा कि पार्टी ने पाया है कि 6.5 लाख मतदाताओं में से 1.5 लाख फर्जी मतदाता थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि चुनाव प्रक्रिया में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि इस जांच में उन्हें लगातार छः महीने लगे और अब उनके पास ऐसे सबूत हैं जो देश के सामने चुनाव आयोग जैसी संस्था की अनुपस्थिति को उजागर करेंगे। राहुल ने इस बात पर जोर दिया कि यह जांच देश को चुनाव में हुई धोखाधड़ी की सच्चाई से अवगत कराएगी।
बीजेपी की जीतों पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें 2014 से ही चुनाव प्रणाली पर संदेह था और बीजेपी की लगातार जीतों पर सवाल उठाते रहे। उन्होंने गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों में बीजेपी की जीत पर असहमति जताई और कहा कि इन राज्यों में कांग्रेस को एक भी सीट न मिलने से उन्हें आश्चर्य हुआ। महाराष्ट्र में हार के बाद उनकी पार्टी ने चुनावी गड़बड़ियों की जांच शुरू की, जिसमें उन्होंने पाया कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच एक करोड़ नए मतदाता जुड़े थे, जिनमें से अधिकांश वोट बीजेपी को मिले। राहुल ने कहा कि लोकसभा चुनाव जीतने के बाद भी चार महीने में उनकी पार्टी की स्थिति कमजोर हो गई और कई मजबूत पार्टियां चुनाव से गायब हो गईं। उन्होंने कहा कि उनके पास अब ऐसे सबूत हैं जो स्पष्ट करते हैं कि चुनाव में गड़बड़ी हुई है और चुनाव प्रणाली में भारी कमियां हैं।


