राहुल गांधी आज दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वोट चोरी के आरोपों पर नए दावे पेश कर सकते हैं, इससे पहले 11 सितंबर को उन्होंने सबूतों का वादा किया था।

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार सुबह 10 बजे दिल्ली के इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसकी जानकारी कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दी, हालांकि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के एजेंडे का खुलासा नहीं किया। माना जा रहा है कि राहुल गांधी वोट चोरी के आरोपों पर भाजपा सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नए दावे पेश कर सकते हैं। राहुल पहले ही बिहार, हरियाणा, कर्नाटक और महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगा चुके हैं।
वोट चोरी पर बड़ा धमाका?
राहुल गांधी ने 1 सितंबर को अपनी वोटर अधिकार यात्रा के समापन पर कहा था कि वोट चोरी की सच्चाई पूरे देश के सामने आएगी। उन्होंने इसे एटम बम से बड़ा ‘हाइड्रोजन बम’ करार दिया और दावा किया कि यह खुलासा भाजपा को बेनकाब करेगा। 11 सितंबर को रायबरेली में उन्होंने कहा था कि कांग्रेस जल्द ही वोट चोरी के “धमाकेदार सबूत” पेश करेगी। राहुल ने आरोप लगाया कि वही ताकतें, जिन्होंने महात्मा गांधी की हत्या की थी, अब संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन कांग्रेस इसे सफल नहीं होने देगी।
कर्नाटक और महाराष्ट्र में वोट चोरी का आरोप
राहुल गांधी ने 7 अगस्त को एक घंटे से ज्यादा चले प्रेजेंटेशन में भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक की महादेवपुरा सीट पर 6.5 लाख वोट में से 1 लाख वोट चोरी हुए। राहुल के मुताबिक, यह धांधली कांग्रेस की संभावित जीत को हार में बदलने वाली साबित हुई। उन्होंने महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट में भी भारी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि सिर्फ पांच महीनों में 40 लाख रहस्यमयी नाम जोड़े गए।
हरियाणा में भी वोटर लिस्ट पर सवाल
राहुल ने हरियाणा में कांग्रेस की हार के लिए सीधे तौर पर वोटर लिस्ट की गड़बड़ियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पारदर्शिता नहीं बरतता और वोटर्स का डेटा सार्वजनिक नहीं करता, जिससे वोट चोरी आसान हो जाती है। राहुल ने सवाल उठाया कि शाम पांच बजे के बाद वोटिंग अचानक क्यों बढ़ी और आयोग इस पर चुप क्यों है। उनके मुताबिक, कांग्रेस को इन धांधलियों को पकड़ने में छह महीने का समय लगा, लेकिन अब उनके पास पुख्ता सबूत हैं।


