चक्रवात ‘मोन्था’ आज काकीनाड़ा तट से टकराएगा, जिससे समुद्र में 5 मीटर ऊंची लहरें उठने, ओडिशा और आंध्र में भारी बारिश तथा 54 ट्रेनों के रद्द होने की चेतावनी जारी की गई है।

चक्रवात ‘मोन्था’ आंध्र प्रदेश के तट से टकराना शुरू हो गया है और यह 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से विशाखापट्टनम की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार तक यह भीषण चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। काकीनाड़ा-मछलीपट्टनम तट के करीब पहुंचने पर हवाओं की रफ्तार 90 से 110 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है और समुद्र में 5 मीटर ऊंची लहरें उठने की संभावना है। सुरक्षा के मद्देनजर साउथ सेंट्रल रेलवे ने विजयवाड़ा डिवीजन की 54 ट्रेनों को रद्द कर दिया है।
नौ राज्यों में बारिश का असर, केरल में दो की मौत
‘मोन्था’ के प्रभाव से देश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों के नौ राज्यों—आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र—में अगले तीन दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। केरल में भारी बारिश और तेज हवाओं से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि ओडिशा में प्रशासन ने आठ तटीय जिलों में 128 रेस्क्यू टीमों को तैनात किया है। राहत शिविरों में भोजन, दवाइयां और रोशनी की व्यवस्था की गई है, वहीं सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र 30 अक्टूबर तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

चार राज्यों में साइक्लोन ‘मोन्था’ का रेड अलर्ट
साइक्लोन ‘मोन्था’ के प्रभाव से ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। ओडिशा में मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि NDRF, ODRAF और फायर सर्विस की करीब 5,000 कर्मियों वाली 128 टीमें तैनात की गई हैं। 28-29 अक्टूबर को हवा की रफ्तार 80 से 110 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। आंध्र प्रदेश में पीएम नरेंद्र मोदी ने सीएम चंद्रबाबू नायडू से हालात की जानकारी ली, जबकि कृष्णा, गुंटूर और वेस्ट गोदावरी जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी भारी बारिश का अलर्ट है, वहीं पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भूस्खलन की चेतावनी जारी की गई है।

तीन सिस्टम एक साथ एक्टिव
देश से 15 अक्टूबर को मानसून की विदाई के बावजूद तीन मौसमी सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं। पूर्वी तट पर ‘मोन्था’ तूफान मंगलवार रात काकीनाड़ा और कलिंगपट्टनम के बीच तट से टकराएगा। दूसरा सिस्टम अरब सागर में बना डीप डिप्रेशन है, जिससे गुजरात में भारी बारिश हो रही है। तीसरा सिस्टम पश्चिमी विक्षोभ के रूप में उत्तर भारत में पहुंच चुका है, जिससे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश और नवंबर के पहले सप्ताह में बर्फबारी की संभावना है। अगले तीन दिनों तक देश के 15 राज्यों में बारिश और तापमान में गिरावट देखी जा सकती है।


