मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शृंग्वेरपुर में ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि निषादराज की परंपरा को आगे बढ़ाने वाले केवट, निषाद और मल्लाह समुदाय को बेहतर नौकाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही, सरकार प्रयागराज में सीएनजी नौकाओं की व्यवस्था भी करेगी, जिससे जलमार्गों को पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज प्रशासन को इस योजना का विस्तृत खाका तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिससे स्थानीय नाविकों को सशक्त किया जा सके।
गंगा की निर्मलता और विकास का संकल्प
मुख्यमंत्री ने मां गंगा की अविरलता और निर्मलता बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और विरासत की प्रतीक हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मां गंगा के आशीर्वाद के बिना कोई भी कार्य सफल नहीं हो सकता। इसी उद्देश्य से सीएनजी नावों की योजना लाई जा रही है, जिससे जल प्रदूषण कम होगा और घाटों की पवित्रता बनी रहेगी।

विकास योजनाओं का लाभ नाविकों और किसानों को
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। निषादराज बोट सब्सिडी योजना के तहत 1100 नाविकों को 3.20 करोड़ रुपये की सहायता दी गई, वहीं मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत 1400 मत्स्य पालकों को 20 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। इसके अलावा, किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत किसानों को 138 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सके।
आजीविका मिशन से आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा रहा है। मत्स्य पालक विकास योजना के तहत रंजीत सिंह, रमेश चंद्र और राहुल निषाद को सहायता प्रदान की गई, जिससे वे अपनी आजीविका को और मजबूती दे सकें। इसी क्रम में, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (रिवाल्विंग फंड) के तहत सुनीता, पूजा और प्रमिला को तीन करोड़ 77 लाख 70 हजार रुपये का ऋण दिया गया। वहीं, सीआईएफ योजना के अंतर्गत सुषमा और शिखा सोनी को 34.24 करोड़ रुपये तथा सीसीएल योजना के तहत धनपत, गीता और रीता को 85.46 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया। इन योजनाओं के माध्यम से सरकार ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में कार्य कर रही है।



