मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जलमग्न क्षेत्रों में राहत कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी एजेंसियों को समन्वय के साथ सतर्कता से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेते हुए कहा कि सरकार हालात पर पूरी तरह नजर रखे हुए है और हजारों लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। उन्होंने बताया कि मुरैना, दमोह, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, सागर और विदिशा समेत कई जिलों से अब तक करीब 2900 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। मुख्यमंत्री ने भोपाल स्थित होमगार्ड के बाढ़ आपदा केंद्र से पूरे प्रदेश के रेस्क्यू ऑपरेशनों की समीक्षा की और राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए।
बाढ़ पीड़ितों को मिलेगा हर जरूरी सहयोग
डॉ. यादव ने कहा कि सरकार बाढ़ पीड़ितों के खाने, कपड़े और रहने की पूरी व्यवस्था करेगी। उन्होंने बताया कि दो जिलों में राहत कार्यों के लिए रक्षा मंत्रालय से हेलीकॉप्टर मांगे गए हैं और इनकी सुविधा जल्द शुरू हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि बाढ़ जैसी स्थिति में साहस और सेवाभाव से लोगों की मदद करने वालों को आगामी 15 अगस्त को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही उन्होंने जनता से अपील की कि वे बहते पानी और बिजली के तारों से दूर रहें और प्रशासन द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें।
जवानों का हौसला देख भावुक हुए CM
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाढ़ राहत कार्यों के दौरान होमगार्ड और आपदा प्रबंधन बल के जवानों के हौसले की सराहना करते हुए कहा कि वे पूरी मुस्तैदी और निष्ठा से डटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि होमगार्ड के प्रबंधन केंद्र की ट्रेनिंग अत्यंत प्रभावी है, और जवान बाढ़ प्रभावितों को नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रहे हैं। सीएम ने प्रभावित लोगों और जवानों से बातचीत कर हालात की जानकारी ली और कहा कि सभी अधिकारी, कर्मचारी और राहतकर्मी अपना काम पूरी लगन और ईमानदारी से कर रहे हैं।
15 अगस्त को मिलेंगे सम्मान
सीएम ने निर्देश दिए कि जिन समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने बाढ़ राहत कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई है, उनके नाम नोट किए जाएं ताकि उन्हें 15 अगस्त को सम्मानित किया जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसा सम्मान दूसरों को भी आपदा के समय मदद के लिए प्रेरित करेगा। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, डीजी होमगार्ड प्रज्ञा श्रीवास्तव, डीजीपी कैलाश मकवाना सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बताया गया कि बीते तीन दिनों की भारी बारिश से प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं और अब तक 2900 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।


